
Ranchi : झारखंड का कैडर मैनेजमेंट चरमरा गया है. प्रदेश में सरकारी नौकरी दूर की कौड़ी हो गई है. नियमावली के पेंच में एक लाख से अधिक नौकरियां फंस गई हैं. सरकार के बार-बार निर्देशों के बावजूद आधा दर्जन से अधिक विभागों की सेवाशर्त और नियुक्ति नियमावली गठित नहीं की गई है. विभिन्न विभागों के अधीनस्थ सेवा शर्त नियमावली गठित नहीं होने के कारण नियुक्ति, प्रोन्नति और सेवा शर्त निरूपण में कठिनाई हो रही है. सरकार इसके लिये विभागों को कई बार रिमाइंडर भी भेज चुका है.
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25 हजार कर्मियों और इंजीनियरों का प्रमोशन बाधित
नियमावली नहीं होने के कारण लगभग 25 हजार कर्मियों और इंजीनियरों का प्रमोशन बाधित है. इंजीनियरिंग सेवा में कार्यपालक अभियंता और इससे उपर के पद पर प्रोन्नति बाधित है. सूचना सेवा के अफसरों को भी प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है. ग्रेड वेतन 6600 के जितने भी पद हैं, इन पदों पर कार्यरत कर्मियों-अफसरों का प्रमोशन रूका हुआ है.
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क्यों हो रहा है ऐसा
नियमावली में मौलिक तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है. रोस्टर क्लीयरेंस में एकरुपता नहीं है. कई विभागों ने कार्मिक को जो प्रस्ताव सौंपा है, उसमें भी मौलिक तथ्यों का अभाव है. शिक्षा विभाग, पथ विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा बनाई गई नियमावली में एकरुपता नहीं है.
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क्या था सरकार का निर्देश
सभी विभागों की कैडर सूची और सेवा नियमावली वेबसाइट पर डालें.
दो साल के अंदर रिटायर होने वाले कर्मियों की सूचना वेबसाइट पर डालें.
आंकड़ा नहीं देने पर वेतन पर रोक लगायें
सभी विभाग अपने कैडर से संबंधित आंकड़े व्यक्तिगत सूचना प्रणाली पर लाना सुनिश्चित करें
पेंशन के लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई करें
जो नियुक्तियां हुई हैं और हो रही हैं, उससे संबंधित डाटा के साथ सर्विस बुक को भी वेबसाइट पर अपलोड करें
प्रोन्नति के लिये टाइम टेबल बनायें
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इन विभागों की नियमावली में पेंच
अब तक वित्त विभाग, राज्य वन सेवा नियमावली, राज्य अभियांत्रिक नियमावली, राजभाषा नियमावली, शिक्षा से संबंधित नियमावली, उत्पाद विभाग की नियमावली में पेंच फंसा हुआ है. उसके अलावा नियुक्तियों के लिये बजटीय प्रावधान भी नहीं किया गया है. अगर एक लाख नियुक्तियां हों तो 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
क्या हो रहा कर्मियों और पदाधिकारियों को नुकसान
सेवा शर्त स्पष्ट नहीं
एसीपी लाभ बाधित
एमएसीपी नहीं मिल रहा
पद सोपान का लाभ नहीं
वेतनमान की स्थिति स्पष्ट नहीं
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विभाग के नाम और कितने पद रिक्त
कृषि – 2688
पशुपालन – 997
भवन निर्माण – 715
कैबिनेट – 121
राज्यपाल सचिवालय – 06
निर्वाचन – 41
सहकारिता – 120
ऊर्जा – 53
उत्पाद – 522
वित्त – 722
राष्ट्रीय बचत – 75
वाणिज्यकर – 286
खाद्य आपूर्ति – 109
वन एवं पर्यावरण – 3086
स्वास्थ्य – 9380
गृह विभाग – 20224
उद्योग – 1060
सूचना जनसंपर्क – 704
सांस्थिक वित्त – 36
श्रम – 1185
विधि – 1610
खान – 476
कार्मिक – 106
जेपीएससी – 68
संसदीय कार्य – 22
योजना – 248
कार्मिक राजभाषा – 209
पेयजल – 779
राजस्व – 1271
पथ विभाग – 765
ग्रामीण विकास – 3498
विज्ञान प्रौद्योगिकी – 733
शिक्षा – 18357
पर्यटन – 101
नगर विकास – 47
जलसंसाधन – 3227
लघु सिंचाई – 657
कल्याण – 1267
खेलकूद – 141




