
Ranchi: बिहार के पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत करनौती गांव निवासी जाने माने पत्रकार सुनील सौरभ का शनिवार को अहले सुबह निधन हो गया. पिछले कई दिनों से पटना के पारस अस्पताल में पेट व किडनी की समस्या को लेकर वह इलाजरत थे. चिकित्सकों ने मल्टी ऑर्गन फैल्योर का मामला बताया था. गौरतलब है कि रांची के पत्रकार नवल किशोर सिंह उनके बड़े भाई हैं. स्व.सौरभ के असामयिक निधन से विभिन्न दलों के राजनेता, पत्रकार, रिश्तेदार, परिजनों व शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त है. वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं.
कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने जताया शोक
पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने बिहार के जाने-माने पत्रकार सुनील सौरभ के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपनी शोक संवेदना में कहा है कि पत्रकारिता जगत में स्व.सौरभ का उत्कृष्ट योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. विगत चार दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की, वह मील का पत्थर के रूप में स्थापित है. उनका निधन पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. श्री सहाय ने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना की. विदित हो कि स्व.सौरभ रांची के वरिष्ठ पत्रकार नवल किशोर सिंह के सगे छोटे भाई थे.
4 दशक लंबी रही है पत्रकारिता करियर
श्री सौरभ विगत चार दशक से बिहार के पटना और मगध प्रमंडल में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे. उन्होंने हिंदुस्तान (हिन्दी दैनिक), राष्ट्रीय सहारा, चौथी दुनिया सहित कई समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दी. बीमार होने से पूर्व तक वे संवाद पत्रिका का प्रकाशन कर रहे थे. उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी है.पत्रकारिता और साहित्य जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश की कई नामी-गिरामी संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है.




