
Patna : हर चुनावी सभा में तेजस्वी के 10 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात का मजाक उड़ा रहे नीतीश कुमार पर राजद के तेवर तल्ख हो गये हैं. इस संबंध में जवाब देते हुए राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा नीतीश पर हमलावर हो गये. पूछा कि आखिर मुजफ्फरपुर की बच्चियों की चीत्कार पर चुप नीतीश कुमार क्यों हैं?
आरोप लगाया कि बिहार में फसल से लेकर शौचालय घोटाले की गूंज है. कहा कि सृजन घोटाले का एक अभियुक्त चुनाव प्रचार में लगा हुआ है. नीतीश अब भाजपा के सामने नतमस्तक हो गये हैं.
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एस्टीमेट घोटाला नहीं होगा तो वापस होने वाले पैसे से फंड आयेगा
कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा पहली कैबिनेट में 10 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात पर सवाल किया जा रहा है कि पैसा कहां से आयेगा. कहा कि बिहार में एस्टीमेट घोटाला नहीं होगा तो वापस होने वाले पैसे से फंड आयेगा. कहा कि यह पॉलिटिकल विल का मामला है. मनोज झा ने नीतीश कुमार पर हमलावर होते हुए कहा कि 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात को हास्यास्पद कहने का मतलब है आपकी(नीतीश) राजनीति का अवसान हो गया है. साथ ही नीतीश से पूछा कि संविदा पर लोगों को नौकरी क्यों दी जा रही है?
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नीतीश कुमार थक गये हैं
इती क्रम में मनोज झा ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार के मुखिया और सरपंच का मानदेय 60 से 70 फीसदी बढ़ाया जायेगा. उन्होंने नीतीश कुमार की भाषा शैली पर भी तंज कसा. कहा कि नेता प्रतिपक्ष के लिए तू तड़ाम की भाषा का इस्तेमाल करना असंसदीय है. नीतीश कुमार थक गये हैं. यह उनकी नीति, कार्यपद्धति और भाषा शैली से भी दिख रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे साढ़े तीन माह नीतीश कुमार लोगों से दूर रहे. बिहार सरकार पांच नौकरशाहों और पांच मंत्रियों का परिवार है.
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