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BIG NEWS : Adani ने खरीदा कोहिनूर, Hindustan Unilever को पछाड़ Wilmar बनी भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनी

Mumbai : अडानी समूह (Adani Group) की एफएमसीजी कंपनी अडानी विल्मर (Adani Wilmar) के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ गया है. पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY22) में ऑपरेशन से प्राप्त रिकॉर्ड रेवेन्यू (Revenue From Operations) के दम पर अडानी विल्मर ने अब हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) को पीछे छोड़ दिया है और भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी (Biggest FMCG Company) बन गई है. अडानी विल्मर का रेवेन्यू (Adani Wilmar Revenue) वित्त वर्ष 2021-22 में सालाना आधार पर 46.2 फीसदी बढ़ा है.

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अडानी के हुए कोहिनूर समेत ये ब्रांड

इस बीच अडानी विल्मर ने पैकेज्ड फूड बिजनेस को बढ़ाने के लिए एक नई डील की है. इस डील में अडानी विल्मर ने अमेरिकी कंपनी मैककॉर्मिक (McCormick) से पैकेज्ड फूड ब्रांड कोहिनूर (Kohinoor) को खरीद लिया है.

हालांकि अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि यह डील कितने में हुई है. इस डील में अडानी को न सिर्फ अमेरिकी कंपनी का प्रीमियम बासमती चावल ब्रांड मिला है, बल्कि चारमीनार (Charminar) और ट्रॉफी (Trophy) जैसे अम्ब्रेला ब्रांड भी उसके हिस्से में आ गए हैं. अभी इन ब्रांडों की कंबाइंड वैल्यू करीब 115 करोड़ रुपये है.

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इतना बढ़ा अडानी विल्मर का रेवेन्यू

अडानी समूह की कंपनी को खाने के तेलों (Edible Oils) से बीत वित्त वर्ष में फायदा हुआ है. कंपनी को इस दौरान 54,214 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. ठीक एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का रेवेन्यू 37,090 करोड़ रुपये रहा था.

दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर का रेवेन्यू (Hindustan Unilever Revenue) वित्त वर्ष 2021-22 में 51,468 करोड़ रुपये रहा है. इस तरह लंबे समय से पहले पायदान पर काबिज हिंदुस्तान यूनिलीवर को अडानी विल्मर से पिछड़ना पड़ा है.

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खाने के तेल के बिजनेस ने बदली किस्मत

अडानी विल्मर को सबसे ज्यादा फायदा खाने के तेल के बिजनेस से हुआ है. पिछले वित्त वर्ष में इस बिजनेस ने विल्मर के रेवेन्यू में अकेले करीब 84 फीसदी का योगदान दिया. विल्मर के खाने के तेलों की बिक्री वित्त वर्ष 2020-21 में 30,818 करोड़ रुपये रही थी, जो साल भर बाद 47.3 फीसदी बढ़कर 45,401 करोड़ रुपये पर पहुंच गई.

कंपनी को इंडस्ट्री इसेंशियल (Industry Essentials) बिजनेस से करीब 11.4 फीसदी रेवेन्यू प्राप्त हुआ. इस सेगमेंट में बिक्री साल भर पहले के 4,366 करोड़ रुपये की तुलना में 42 फीसदी बढ़कर 6,191.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई.

अभी भी घाटे में पैकेज्ड फूड बिजनेस

अडानी विल्मर ने हाल ही में पैकेज्ड फूड (Packaged Food) बिजनेस में एंट्री ली है. इस सेगमेंट को अभी भी प्रॉफिट तो नसीब नहीं हुआ, लेकिन इसके रेवेन्यू में 38 फीसदी की तेजी आई.

अडानी विल्मर को पिछले फाइनेंशियल ईयर में पैकेज्ड फूड बिजनेस से 22.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इस बिजनेस का रेवेन्यू साल भर पहले के 1,905.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,621.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

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