JharkhandPalamuTop Story

पलामू: मोहम्मदगंज बीडीओ और पांकी एमओ के वेतन पर रोक, तरहसी-विश्रामपुर बीडीओ को लगी फटकार

Daltangunj: जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में शुक्रवार को उपायुक्त अमीत कुमार के कड़े तेवर दिखे. उपायुक्त ने मनरेगा कार्यों को लंबित रखने के कारण मोहम्मदगंज बीडीओ और पांकी के मार्केंटिग ऑफसर के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया. दोनों पर आपूर्ति संबंधित मामलों को लटकाए रखने का आरोप है.

योजनाओं को धरातल पर उतारने में तरहसी और विश्रामपुर सबसे पीछे

तरहसी तथा विश्रामपुर प्रखण्ड योजनाओं के क्रियान्वयन में पलामू जिले में सबसे पीछे हैं. इसके लिए दोनों प्रखण्डों के बीडीओ को फटकार लगायी गयी. उपायुक्त ने दोनों प्रखण्डों के बीडीओ की कार्यपद्धति पर अंसतोष जाहिर किया गया, साथ ही सुधार लाने की चेतावनी दी. मनरेगा योजनाओं की अर्पूणता पर पाटन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को 15 दिनों के अन्दर सभी योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.

इसे भी पढ़ें-डॉ अंबेडकर का नहीं, मोदी, शाह और रघुवर का चल रहा है कानून, सरकार फाड़कर जला दे संविधान को : हेमंत सोरेन

उपायुक्त द्वारा जिले में संचालित मनरेगा योजनाओं की समीक्षा सहित प्रधानमंत्री आवास योजना, इन्दिरा आवास योजना, वृद्धा अवस्था पेंशन, वागवानी मिशन के तहत संचालित वृक्षारोपण, ग्राम स्वराज योजना द्वितीय चरण, आदिवासी जन उत्थान अभियान तथा स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा की गई.

ओडीएफ घोषित करने का दिया लक्ष्य

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय निर्माण, शौचालय का उपयोग तथा प्रखण्डों के पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए प्रखण्डवार पंचायत का लक्ष्य निर्धारित किया गया. पाटन, पांकी, चैनपुर, छत्तरपुर प्रखण्डों में 31 जुलाई तक पांच से सात पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही हरिहरगंज, हुसैनाबाद, विश्रामपुर, तरहसी प्रखण्डों में 15 अगस्त तक कम से कम 10-10 पंचायतों को ओडीएफ पंचायत बनाने का निर्देश दिया गया.

इसे भी पढ़ें- पैसे लेकर झाविमो से बीजेपी आये थे छह विधायक, बाबूलाल ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष की राष्ट्रीय अध्यक्ष…

बीनादाग पंचायत के मुखिया की वित्तीय शक्ति पर रोक

छत्तरपुर प्रखण्ड में बीनादाग पंचायत में शौचालय निर्माण एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता को देखते हुए मुखिया के वित्तीय शक्ति पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया. वरीय पदाधिकारीयों द्वारा जाँच प्रतिवेदन के माध्यम से की गई शिकायत पर भी डीआरडीए द्वारा सम्बंधित कर्मियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर उपायुक्त ने कार्य संचालन पर अंसतोष व्यक्त करते हुए उप विकास आयुक्त को इसके लिए कर्मियों की सूची बनाकर प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया.

भूख से मौत पर 10 हजार नगद और 10 किलो चावल मिलेगा

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि झारखण्ड राज्य आकस्मिक खाद्यान कोष के माध्यम से भूख से मौत पर प्रभावित परिवार को 10,000 (दस हजार) रूपये नगद तथा 10 किलों चावल मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा आदेश दिया गया हैं. इस अधीनियम के क्रियान्वयन की जानकारी देने के लिए 09 जुलाई को महात्मा गाँधी नगर भवन में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button