
Ranchi : बिजली उत्पादक कपंनियों के बकाया भुगतान के लिए जेबीवीएनएल लोन लेनेवाला है. लोन अलग अलग बैंकों से लिया जायेगा. जिसके लिए विज्ञापन पहले ही जारी कर दिया गया है. अब जेबीवीएनएल ने बैंकों से मांगे एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट की तारीख को बढ़ा दिया है. जेबीवीएनएल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक बैंक अब 25 अगस्त शाम पांच बजे तक निगम को प्रस्ताव दे सकते हैं. वहीं, साढ़े पांच बजे इसी दिन प्रस्ताव खोला जायेगा. निगम की ओर से इस संबंध में सूचना जारी कर दी गयी है. जानकारी हो कि केंद्रीय बिजली कंपनियों के बकाये का भुगतान करने के लिए सरकार ने बैंकों से छह हजार करोड़ का कर्ज लेने का फैसला लिया है. कर्ज भारत सरकार के इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 2022 के तहत लिया जायेगा. बता दें कि डीवीसी को झारखंड सरकार की तरफ से 39 सौ करोड़ रुपये दिये जाने हैं. राज्य के 6 जिलों में डीवीसी बिजली उपलब्ध कराता है.
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केंद्र सरकार का है निर्देश
केंद्र सरकार ने सभी बिजली कंपनियों का बकाया चुकाने का निर्देश दिया है. किस्तों में बकाया चुकाने की सुविधा दी गयी है, जिसमें बकाये राशि के अनुरूप किस्त बनायी गयी है. जेबीवीएनएल ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाल कर बैंकों से कर्ज की दर व प्रस्ताव मांगा है. ऐसे में जो बैंक निगम को लोन देने का प्रस्ताव करेंगे, उनके प्रस्ताव पर फिर निगम विचार करेगा. जेबीवीएनएल ने राज्य सरकार से अनुमति लेकर बैंकों से लोन का प्रस्ताव मंगाया है. नियमों के मुताबिक निगम को 500 करोड़ तक का बकाया होने पर 12 किस्तों, 1000 करोड़ तक का बकाया होने पर 20 किस्तों, 2000 करोड़ तक का बकाया होने पर 28 किस्तों, 4000 करोड़ तक का बकाया होने पर 34 किस्तों, 10 हजार करोड़ तक का बकाया होने पर 40 किस्तों और 10 हजार करोड़ से अधिक बकाया होने पर 48 किस्तों में भुगतान किया जा सकेगा. फिलहाल जेबीवीएनएल पर डीवीसी के 3900 करोड़, एनटीपीसी के 350 करोड़, आधुनिक पावर के 350 करोड़ व पीटीसी के 400 करोड़ रुपये बकाया हैं. वहीं करीब चार हजार करोड़ का बकाया तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड का है.
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