
Bahragora : बहरागोड़ा विद्युत उपकेंद्र में संविदा पर कार्यरत बिजली कर्मी सुधांशु बाला के पिता भवतोष बाला (50) की बुधवार की सुबह बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गयी. घटना बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के चिंगड़ा पंचायत अंतर्गत बाहुटिया गांव में घटी. घटना से गुस्साये ग्रामीणोंने कई घंटों तक शव को उठने नहीं दिया. बाद में शाम 7.30 बजे बिजली विभाग के सहायक अभियंता विजय कुमार घोष घटनास्थल पर पहुंचे तथा मृतक के परिजनों को तत्काल 25000 रुपये की नगद राशि मुहैया करायी. साथ ही मुआवजा के रूप में दो लाख रुपये एक महीने के अंदर सरकारी प्रावधान के तहत दिलाने का आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठने दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है.
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जानकारी के अनुसार बहरागोड़ा विद्युत उपकेंद्र के बिजली मिस्त्री सुधांशु बाला के पिता भवतोष बाला की बुधवार की सुबह 11.00 बजे अपने घर के पीछे खेत में घास काटने के लिए गये थे. शाम तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की. शाम लगभग 3.00 बजे जब परिजन उनकी तलाश करते हुए खेत में पहुंचे तो देखा कि भवतोष खेत की मेड़ पर मृत पड़े थे. विद्युत तार की चपेट में आने से उकी मौत हुई थी. इसकी सूचना तत्काल परिजनों ने बहरागोड़ा पुलिस को दी. बहरागोड़ा थाना प्रभारी कुमार सौरभ ने घटनास्थल पहुंचकर घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली. बताया जा रहा है कि खेत में समरसेबल पंप चलाने के लिए लकड़ी के खंभे से बिजली का तार खींचा गया था. वह तार टूट कर खेत की मेड़ पर गिरा हुआ था. आशंका है कि भवतोष बाला जब घास काटने के लिए खेत पर पहुंचे तो गिरे हुए तार की चपेट में आ गये.
ग्रामीणों ने पुलिस को घटनास्थल से शव को उठाने से रोक दिया. उनका आरोप था कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह तार टूट कर गिरा है. उनका कहना था कि जब तक बिजली विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को मुआवजा की राशि देने की घोषणा नहीं करते, तब तक शव को उठने नहीं दिया जायेगा. देर शाम बिजली विभाग के अफसरों के आने के बाद शव को उठाने दिया गया.
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