
jamshedpur : कोविड-19 महामारी का प्रकोप कम होने के साथ ही अब सरकारी व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटनी शुरू हो गयी हैं, लेकिन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाने वाली आयुष्मान भारत योजना पर अभी भी ग्रहण लगा हुआ है. आयुष्मान में काम कर रहे कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है.
सिर्फ स्थायी कर्मचारियों को ही हो रहा भुगतान
आयुष्मान भारत के तहत काम कर रहे स्थायी कर्मचारियों को तो ससमय भुगतान किया जा रहा है, पर जो कर्मचारी आउटसोर्स के तहत रखे गए हैं, उन्हे पिछले तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है. इसके कारण कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है. इनमें आयुष्मान मित्र और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं.
लाभांश भी नहीं मिल रहा
आयुष्मान मित्रों ने बताया कि कई कर्मचारियों को लाभांश की तर्ज पर रखा गया है. इसके तहत आयुष्मान कार्ड बनाने या किसी मरीज का योजना के तहत इलाज होने पर सरकार की ओर से अस्पताल को भुगतान की जाने वाली राशि से आयुष्मान मित्रों को भुगतान किया जाना था, पर पिछले तीन माह से लाभांश भुगतान भी नहीं किया जा रहा है.
कोविड-19 के कारण पिछले काफी समय से आयुष्मान योजना पर काम नहीं हो पा रहा था. पर अब गोल्डन कार्ड बनाने और मरीजों को भर्ती लेने पर काम शुरू कर दिया गया है. जल्द ही कर्मचारियों को भुगतान किया जाएगा.
– डॉ अरुण कुमार, अधीक्षक, एमजीएम




