
Ranchi : चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI), छोटानागपुर डायसिस के बिशप बीबी बास्के का विरोध जमशेदपुर में भी हो रहा है. सीएनआई जमशेदपुर के सदस्यों ने कहा है कि ऑटोनोमस (स्वायत्तता) की घोषणा करनेवाले बिशप बीबी बास्के और उनके सहयोगी मनमाने तरीके से डायसिस का संचालन कर रहे हैं. बिशप द्वारा जारी आदेश और निर्देश मौखिक रूप से दिये जा रहे हैं. इसकी कोई भी लिखित सूचना मंडलियों या पेरिशों (चर्च की प्रशासनिक इकाई) को नहीं दी जा रही है.
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बिना अनुमति के चर्च के बैंक खाते से पैसे निकालना गलत
CNI, जमशेदपुर के सदस्यों का यह भी कहना है कि पैसों की निकासी भी नियमों को ताक पर रखकर की जा रही है. बिशप ओके तिर्की ने कहा कि CNI, छोटानागपुर डायसिस की अनुमति के बिना पैसों की निकासी करना गलत है, क्योंकि चर्च का बैंक खाता CNI के पैन से लिंक है. CNI की अनुमति के बिना पैसे की निकासी करने से भविष्य में परेशानी हो सकती है.
जमशेदपुर में पिछले दिनों हुई बैठक में भी बिशप बास्के के कार्यों के प्रति असंतोष जताया गया है. बैठक में रसल फ्रेडिक, ईश्वरीय प्रसाद, मार्शा कच्छप, पीडी टोपनो, सुशील कांसवर, एमई पूर्ति, जेम्स मधु खलखो, कुलदीप टोपनो सहित अन्य उपस्थित थे.
1970 में CNI से जुड़ा था छोटानागपुर डायसिस, बीबी बास्के हैं इसके बिशप
गौरतलब है कि छोटानागपुर डायसिस 1970 में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) के साथ जुड़ा था. इस समूह के चर्च और इनके विश्वासी CNI के नियमों के तहत संचालित हो रहे थे. छोटानागपुर डायसिस के पादरियों का लाइसेंस भी CNI से मान्यता प्राप्त है. पिछले दिनों छोटानागपुर डायसिस के बिशप (धार्मिक अगुआ) बीबी बास्के और उनके समर्थकों ने स्वायत्तता की घोषणा कर दी थी. हालांकि, उनकी स्वायत्तता को CNI की ओर से समर्थन नहीं दिया गया.
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