
Ranchi : राज्य में सरकार बनाने का सपना संजोये झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) विधानसभा चुनाव 2019 की पूरी तैयारी में है.
इसके लिए पार्टी अपने दो प्रमुख गढ़ संथाल और सिंहभूम से अलग अऩ्य क्षेत्रों में इस बार भी प्रत्याशी देने के मूड में है. महागठबंधन बनने की सूरत में 40 से अधिक सीटों पर दावा करने की मंशा भी यही दिखाती है.
माना जा रहा है कि अऩ्य क्षेत्रों में छोटानागपुर की दो सीटों रांची और तमाड़ पर पार्टी प्रत्याशी उतर सकती है. इन सीटों पर पार्टी के संभावित प्रत्याशियों में महिला मोर्चा की अध्यक्ष महुआ माजी (रांची से) और तमाड़ सीट से विकास मुंडा (आजसू के बागी विधायक जो हाल में जेएमएम में शामिल हुए हैं) के चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है. हालांकि इन दोनों सीटों पर जेएमएम को कड़ा मुकाबला करना पड़ सकता है.
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रांची सीट पर महुआ के सामने कई मुश्किलें
बात अगर रांची विधानसभा की करें, तो इस सीट पर महुजा माजी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इसमें महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सीट पर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की पकड़ प्रमुखता से शामिल है.

कांग्रेस की विधानसभा मैदान में आयोजित जनआक्रोश रैली में इस बात की खूब चर्चा थी कि शीर्ष नेतृत्व को इस सीट पर अपना प्रत्याशी देना चाहिए.
इस सीट पर कांग्रेस की तरफ से डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ चुके छोटू गुप्ता और पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जायसवाल प्रमुख प्रत्याशी माने जा रहे हैं.
बीजेपी के वर्तमान विधायक सह नगर विकास मंत्री सीपी सिंह इस सीट पर पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं. हालांकि इस बार उन्हें पार्टी टिकट देगी इस बात की पूरी गारंटी नहीं है. उनके प्रत्याशी न बनने की सूरत में भी पार्टी के उम्मीदवार को हराना महुआ माजी के लिए काफी मुश्किल होगा.
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बागी विधायक को आजसू और एऩसीपी प्रत्याशी देंगे चुनौती
जेएमएम के संभावित प्रत्याशी विकास मुंडा को इस बार काफी चुनौती मिलनी तय है. 2014 के चुनाव में आजसू के टिकट पर चुनाव लड़नेवाले विकास मुंडा बागी होकर जेएमएम में शामिल हो चुके हैं.
माना जा रहा है कि टिकट की शर्त पर ही उन्होंने जेएमएम का रास्ता पकड़ा है. वहीं आजसू भी अपनी जीती हुई सीट को दोबारा पाने के लिए यहां पर एक प्रबल दावेदार की तलाश में है.
विकास मुंडा के समक्ष पूर्व विधायक (वर्तमान में जेल में बंद) राजा पीटर भी हैं, जो अब एनसीपी में शामिल हो गये है. राजा पीटर ने इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम अध्य़क्ष शिबू सोरेन को पटकनी दी थी.
माना जा रहा है कि इस बार उनकी पत्नी भी यहां से चुनाव लड़ सकती हैं. ऐसे में जेएमएम प्रत्याशी का आजसू और एनसीपी से कड़ा मुकाबला होना तय है.
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