
Akshay Kumar Jha
Ranchi: आनेवाले विधानसभा के चुनावी दंगल में आपको बीजेपी में भी थोड़ा वंशवाद का फ्लेवर दिख सकता है. क्योंकि बीजेपी के कुछ दिग्गज अपने सुपुत्रों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं. कुछ नेता ऐसा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, तो कुछ को पार्टी के प्रति ईमानदारी का ईनाम मिल सकता है. लोकसभा चुनाव में सीटिंग एमपी को टिकट नहीं देकर बीजेपी की जीत की वजह से इस प्रयोग को और बल मिला है. ऐसे में यह कहा जा रहा है कि बीजेपी में सीटिंग विधायक को भी बैठा दिया जा सकता है. ऐसे में कई सीटिंग विधायकों की पेशानी पर बल पड़ रहे हैं.
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रवींद्र पांडेयः गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय इस रेस में सबसे आगे दौड़ रहे हैं. लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद इन्होंने काफी उठा-पटक की, लेकिन दाल नहीं गलता देख वो शांत हो गये. पार्टी के साथ बने रहने की बात करने लगे. इसी बात का फायदा अब वो उठाना चाह रहे हैं. खबर यह है कि रवींद्र पांडेय चाहते हैं कि उनके बड़े बेटे विकास कुमार पांडेय को धनबाद जिले की टुंडी विधानसभा सीट से टिकट मिल जाये. अगर टुंडी में कोई परेशानी हो तो वो बोकारो या धनबाद किसी भी विधानसभा का टिकट लेने को तैयार माने जा रहे हैं. उनके बेटे विकास पांडेय अभी चास में केएम मेमोरियल अस्पताल का संचालन कर रहे हैं. हालांकि राजनीति में सक्रिय रूप से उन्हें कभी हिस्सा लेते नहीं देखा गया है. लेकिन एक अखबार को दिये बयान में उन्होंने कहा कि वो चुनाव लड़ना चाहते हैं. पिता के चुनावी दौर के दौरान उन्होंने काफी मेहनत की है और धनबाद-बोकारो-गिरिडीह आस-पास कई विधानसभा के काफी दौरे कर चुके हैं.
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राधाकृषण किशोरः चुनाव से पहले पलामू जिले से एक बड़ी राजनीतिक खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि राधा कृष्ण किशोर के परिवार से सांसद वीडी राम के बाद एक और नाम जुड़नेवाला है. नाम है स्वामी देवेंद्र प्रकाश. देवेंद्र राधा कृष्ण किशोर के भतीजे हैं और जाहिर तौर पर वीडी राम के नजदीकी रिश्तेदार. वीडी राम राधा कृष्ण किशोर के बहनोई हैं. बताया जा रहा है कि स्वामी देवेंद्र प्रकाश को विधायक चाचा राधा कृष्ण किशोर रांची जिले के कांके विधानसभा से लांच करना चाहते हैं. रांची का कांके विधानसभा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और वहां से मौजूदा विधायक बीजेपी से ही जीतू चरण राम हैं. भतीजे को विधानसभा का टिकट दिलाने के लिए चाचा राधा कृष्ण किशोर को जीतू चरण राम का टिकट कटवाना होगा.
कड़िया मुंडाः कड़िया मुंडा ने राजनीति से करीब-करीब संन्यास ले लिया है. उनके पार्टी के प्रति समर्पित मिजाज से पार्टी काफी खुश है. कड़िया मुंडा के करीबियों का कहना है कि उनके बेटे जगरनाथ मुंडा को खूंटी या तमाड़ का टिकट मिल सकता है. वो ये भी कहते हैं कि कड़िया मुंडा इसके लिए पार्टी में किसी से पैरवी नहीं करनेवाले. पिता की पार्टी के प्रति समर्पित भावना का फायदा जगरनाथ मुंडा को मिल सकता है. बीजेपी के अंदरखाने में यह भी खबर है कि खूंटी के मौजूदा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा का लोकसभा चुनाव के बाद ग्राफ काफी गिरा है. पार्टी के कुछ लोग नीलकंठ सिंह मुंडा पर लोकसभा चुनाव में भीतरघात करने का भी आरोप लगाते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि जगरनाथ मुंडा पर पार्टी भरोसा जता सकती है. बातें यह भी हो रही हैं कि अगर नीलकंठ सिंह मुंडा टिकट लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो जगरनाथ मुंडा को तमाड़ से विधानसभा चुनाव का टिकट मिल सकता है.
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