
Sikkim: सिक्किम के ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने की वजह से तीस्ता नदी में आई बाढ़ से कई लोगों की मौत हो गई है और व्यापक तौर पर संपत्ति की क्षति की ख़बर है. एनडीएम ने बाढ़ के विकराल रूप लेने की वजह भी बताई है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (एनडीएमए) ने बताया है कि सिक्किम में ज़्यादा बारिश और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ़्लड जैसी स्थितियां अचानक आई बाढ़ के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं.

एक बयान में एनडीएमए ने कहा कि हिमालय रेंज में ऐसी कई झीलें हैं. रिमोट सेंसिंग के जरिए अनुमान लगाया गया है कि ऐसी क़रीब 7,500 झीले हैं और इनमें से 10 फ़ीसदी सिक्किम में हैं. ग्लेशियल लेक ऐसी झील होती हैं जो ग्लेशियर की वजह से बनती हैं. अथॉरिटी का कहना है कि यहां करीब 25 ऐसी झीलें हैं, जिन्हें ख़तरनाक माना गया है.
सरकारी अधिकारियों ने अभी तक 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है जबकि 82 लोगों को लापता बताया है. इलाके में लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव अभियान में कई दिक्कतें आ रही है. प्रशासन का कहना है कि बाढ़ और कीचड़ के कारण आसपास के इलाकों में जान माल की भारी क्षति हुई है. अब तक स्थानीय प्रशासन ने 4 नागरिकों के शव बरामद करने की जानकारी दी है.

जिला प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि इस बाढ के कारण इलाके में तीन हजार से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए है जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए उपाय किए जा रहें है. बाढ़ के कारण अब आसपास के इलाकों में 26 लोग जख्मी हुए है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात कर राज्य में फ्लैश फ्लड की वजह से होने वाले जान माल के नुक़सान के बारे में जानकारी ली.




