
JTET 2026: परीक्षा की सुरक्षा और कदाचारमुक्त संचालन पर रहेगा विशेष जोर, मुख्य सचिव करेंगे तैयारियों की समीक्षा

Ranchi: झारखंड में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए 29 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे मुख्य सचिव, झारखंड की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल होंगे।
परीक्षा की तैयारियों पर होगी उच्चस्तरीय समीक्षा
बैठक में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, नकल रोकने के उपाय और परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकार और झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) ने परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों को परीक्षा से तीन दिन पहले गोपनीय मुद्रक के माध्यम से सीधे जिलों के कोषागार और उपकोषागार में सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। स्ट्रॉन्ग रूम और कोषागार परिसर में 24 घंटे CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर भी CCTV के माध्यम से गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। प्रश्नपत्रों के पैकेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्राधीक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, एक वीक्षक और दो परीक्षार्थियों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट प्रतिबंधित
कदाचार रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी। पुरुष अभ्यर्थियों की तलाशी पुरुष कर्मियों और महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा की जाएगी।
परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों और वीक्षकों के मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
हर जिले में नियंत्रण कक्ष और साइबर सेल
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रत्येक जिले में परीक्षा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों और परीक्षा से संबंधित गलत जानकारी पर नजर रखने के लिए साइबर सेल का गठन किया गया है।
प्रशासन की ओर से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए संबंधित अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
JTET में शामिल होने वाले दृष्टिबाधित, सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित और दोनों हाथों से दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे पात्र अभ्यर्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय और नियमानुसार लेखक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे परीक्षा में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप शामिल हो सकें।
उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए रंग-कोड आधारित व्यवस्था
परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित पैकिंग और जमा कराने के लिए रंग-कोड आधारित व्यवस्था निर्धारित की गई है। उत्तर पुस्तिकाओं को लाल रंग के कपड़े में सीलबंद किया जाएगा। इसके बाद सभी सीलबंद पैकेटों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की निगरानी में उसी दिन जिला कोषागार के बज्रगृह में जमा कराना अनिवार्य होगा।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा कराना प्रशासन की प्राथमिकता
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का उद्देश्य परीक्षा से संबंधित सभी प्रशासनिक, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्थाओं का अंतिम आकलन करना है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी, नकल या अव्यवस्था के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो। अब सभी की निगाहें 1 नवंबर को होने वाली परीक्षा और उससे पहले तैयारियों की अंतिम समीक्षा पर टिकी हैं।




