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सूरत में हिंसक झड़प के बाद मजदूरों ने कहा- हमें कुत्तों की तरह दौड़ाया, अब कभी यहां वापस नहीं आयेंगे

Surat : देश में दो चरणों के लॉकडाउन के बाद अब तीसरा चरण शुरू हो गया है. कई राज्यों के मजदूर वापसी कार्यक्रम के बाद भी दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. हालत यह है कि लॉकडाउन  के 40 दिन बीतने बाद भी प्रवासी मजदूरों अपने घर नहीं लौट पाये हैं. इस मामले में सूरत से चौकाने वालें खबरें आती रही हैं. यहां प्रशासन से बढ़ती नाराजगी और असंतोष के चलते मजदूरों का एक बड़ा समूह सोमवार को एक बार फिर सड़कों पर उतर आया.

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और घर भेजने की मांग करने लगा. इस बीच सूरत में पुलिस और मजदूरों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. इसके बाद पुलिस को आंसू गैस का सहारा भी लेना पड़ा. दूसरी ओर बेंगलुरु और मुंबई में भी पुलिस और मजदूरों के बीच संघर्ष की खबरें हैं. ये सभी मजदूर यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आदि  राज्यों के रहने वाले हैं.  और घर वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं.

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मजदूरों ने कहा, सारे पैसे खर्च हो गये

इस बारे में पूछने पर वाराणसी के एक मजदूर राधेश्याम त्रिपाठी ने कहा, हम कभी सूरत नहीं आयेंगे. पुलिस ने  हमको कुत्तों की तरह भगाया औऱ दौड़ायी. हमने अपने घर जाने के लिए पूरे पैसे खर्च कर दिये. लेकिन फिर भी हमें प्रताड़ित किया गया और हम यहीं फंसे हैं. हमारा गुनाह सिर्फ इतना है कि हम घर लौटना चाहते हैं. इसी तरह  बिहार के गया निवासी गिरिशंकर कहते हैं, ‘गुजरात में अगर हमारे साथ ऐसे ही सलूक किया गया तो हम वापस नहीं लौटेंगे. पुलिस हमारे साथ ऐसे पेश आ रह है जैसे हम आतंकवादी हैं.

गौरतलब है कि 23 मार्च से जबसे गुजरात में लॉकडाउन का एलान हुआ है, तबसे अब तक सूरत में प्रवासी मजदूर और पुलिस कई बार भिड़ चुके हैं. सोमवार को हिंसा तब शुरू हुई जब मजदूरों के एक बड़े समूह ने वरेली में पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. इस समूह में महिलाएं भी शामिल थीं.

श्रमिकों को लाठी लेकर गलियों में दौड़ाती रही पुलिस

सूचना के मुताबिक ये मजदूर शुक्रवार रात को अपने घर वापसी करने के लिए निकले थे. लेकिन उनको गुजरात सीमा से वापस लौटा दिया गया था. सूत्रों के अनुसार पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए 40 आंसू गैस छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसके वीडियो सामने आए जिसमें पुलिस लाठी लेकर मजदूरों को गलियों में दौड़ाते हुई दिखायी पड़ी.

पुलिस ने इसके बाद 200 लोगों को हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आईजी राजकुमार ने बताया, ‘करीब 3,000 मजदूरों हिंसा में शामिल थे. जिनमें से कुछ ने पुलिस पर ऐसिड की बोतलें भी फेंकी.’

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