
Kolkata : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भले ही खत्म हो गये हों और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोहरा शतक लगाते हुए सत्ता में वापसी कर ली है, लेकिन वहां सियासी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. रविवार को मतगणना के रूझान आने के साथ-साथी राज्य में कई जगह हिंसा की घटनाएं हुईं.
वहीं सोमवार को भी भाटपारा के घोषपारा सड़क पर कुछ दुकानों और बीजेपी के दफ्तर में तोड़फोड़ की गई. बीजेपी ने इन हमलों के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ बताया है. साथ ही पार्टी का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं पर भी कई हमले किए गए हैं.
इन वहीं, घटनाओं के सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है. बीजेपी का दावा है कि राज्य में टीएमसी की सरकार बनने के बाद कई जिलों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं और कई घरों में भी आग लगा दी गई है.
इसे भी पढ़ें :अगर आप भी शादी करनेवाले हैं तो दो का पहाड़ा जरूर याद कर लिजिये जनाब
बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्यपाल से लगाई गुहार
इन हमलों को लेकर बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की. घोष ने कहा कि चुनाव के बाद बंगाल में शुरू हुई हिंसा में एक दिन में नौ लोगों की मौत हुई है. इस वजह से प्रदेश में डर का वातावरण बन गया है.
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ”सत्ताधारी पार्टी हाथ बांध कर बैठी है, पुलिस निष्क्रिय है. हम राज्यपाल के पास निवेदन लेकर आए थे, उन्होंने निवेदन स्वीकार किया और आश्वासन दिया है.” वहीं, भाटपारा में दुकानों में हुई लूट की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने इस घटना को अंजाम दिया है. एक शख्स ने कहा कि इलाके में कम से कम दस बम फेंके गए हैं.
इसे भी पढ़ें :कोविड-19 से पहले संक्रमित हुए लोगों पर टीके की एक ही खुराक कारगर: अध्ययन
ममता ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की
बंगाल में हमलों की विभिन्न रिपोर्ट्स के बाद गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, ”गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को लेकर रिपोर्ट मांगी है.” उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
इससे पहले, रविवार को भी बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हुगली जिले में उसके पार्टी कार्यालय को आग लगा दी और शुभेंदु अधिकारी समेत उसके कुछ नेताओं के साथ हाथापाई की.
पार्टी ने कहा कि यह सब तब किया गया जब चुनाव परिणामों में दिखा कि ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल में अपनी सत्ता कायम रखने वाली है. हुगली में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को सजा दी जाएगी.
इसे भी पढ़ें :गिरिडीह में मिले रिकार्ड कोरोना पॉजिटिव, 271 नये मामले, तीन की मौत, 91 डिस्चार्ज
टीएमसी उम्मीदवार की हार के बाद लगाई आग’
स्थानीय बीजेपी नेता ने दावा किया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनकी पार्टी की प्रत्याशी सुजाता मंडल की हार होने के तुरंत बाद भगवा दल के आरामबाग कार्यालय को आग लगा दी. हालांकि, तृणमूल के सूत्रों ने इन आरोपों से इनकार किया है.
स्थानीय बीजेपी नेता ने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी की हार का बदला लेने के लिए आगजनी की और हमारे पार्टी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया.’
‘ पूर्व मेदिनीपुर में तृणमूल के लोगों ने भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के वाहन के पास प्रदर्शन किया. अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कांटे की टक्कर में बहुचर्चित नंदीग्राम सीट से हरा दिया.
इसे भी पढ़ें :भारतीय वायुसेना जर्मनी से 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर लेकर आयी
ममता ने कहा, बीजेपी हिंसा की पुरानी तस्वीरें शेयर कर रही
हिंसा की खबरें आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमें पता है कि बीजेपी और केंद्रीय बलों ने टॉर्चर किया है. मैं सब से आग्रह करती हूं कि वे शांति बनाएं रखें और हिंसा न करें. अगर कोई आरोप लगाए तो पुलिस के पास जाएं.
जब तक हम शपथ नहीं ले लेते तब तक कानून व्यवस्था हमारे हाथों में नहीं है. मैं बदला लेने वाली सोच नहीं रखती लेकिन हार के बावजूद बीजेपी अभी भी लोगों पर अत्याचार कर रही है.’
ममता ने यह भी कहा कि बीजेपी पुरानी और राज्य के बाहर की तस्वीरें शेयर कर के झूठ फैला रही है. ममता ने यह भी आरोप लगाया है कि नंदीग्राम में चुनाव अधिकारी को जान को खतरा था.
इसे भी पढ़ें :Health Helpline : कोई परेशानी हो तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर है न, सुबह 10 से रात 8 बजे तक देंगे सलाह




