
Palamu: 84 लाख के इनामी नक्सली विजय यादव उर्फ संदीप यादव की मौत हो गई है. विजय यादव प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के एक्शन कमेटी का सदस्य था. जानकारी के अनुसार सीमावर्ती जंगल में संदीप यादव की मौत हो गई है. आशंका जताई जा रही है कि जहर देकर विश्ववघात किया गया है. शव को पैतृक गांव लूटुआ थाना बाबूरामडीह लाया गया है. संदीप यादव की शव को बुधवार की शाम जंगल में गए चरवाहों ने देखा और इसकी सूचना उसके घर वालों को दी. सूचना मिलते ही परिवार वालों को गांव से जंगल लाया गया जहां उसकी पहचान बेटे सोनू कुमार एवं पिता रामदेव यादव ने की है. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
इस मामले पर गया के एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि ‘संदीप कुमार उर्फ विजय यादव की मौत की सूचना मिली है. बीमारी से ही उसकी मौत होने की सूचना मिल रही है. पूरी तरह से मामले का सत्यापन किया जा रहा है. पुलिस और सुरक्षा के जवान मामले की कार्रवाई में जुटे हुए हैं.
संदीप यादव के बड़े पुत्र सोनू कुमार ने बताया कि पापा की मौत हो गई है. शव गांव के चबुतरे पर चार अज्ञात लोगों ने छोड़ दिया था. बांकेबाजार से बाबूरामडीह गांव जाने वाली सड़क पर पुलिस की भारी संख्या में तैनाती कर दी गई है. रात के वक्त पुलिस भी एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही थी. इधर, गांव पहुंचे सीआरपीएफ के कमांडेंट ऑफिसर कमलेश सिंह ने बताया कि संदीप यादव की तलाश पुलिस पिछले 25 सालों से कर रही थी. उनकी मौत किन कारणों से हुई है इसका खुलासा फिलहाल नहीं हुआ है. पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण साफ हो पाएगा.
500 नक्सली कांड दर्ज
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में करीब 500 नक्सली कांड दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार विभिन्न राज्यों की पुलिस के द्वारा रखे गए इनामों को जोड़ दिया तो संदीप उर्फ विजय 84 लाख का इनामी माओवादी था. करीब 3 दशकों से बिहार झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में विध्वंसक कांडों को अंजाम दिया था. बिहार में इसके खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं.
ईडी कर चुकी है संपत्ति जब्त
बता दें कि 4 साल पहले 2018 को प्रवर्तन निदेशालय की टीम नक्सली संदीप यादव उर्फ विजय यादव उर्फ रूपेश की 86 लाख मूल्य की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया था. जब्त संपत्ति में भूखंड और फ्लैट की कीमत 50 लाख रुपया प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आंकी गयी थी. ईडी की ओर से यह जब्ती बिहार के गया और औरंगाबाद क्षेत्र से की गई थी. झारखंड सरकार ने इसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम रखा है.
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