
Jamshedpur: झारखण्ड मे भूमि अधिग्रहण कानून एवं छात्रों के समक्ष शिक्षा को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर आगामी 31 जुलाई को कोल्हान बंद का आवाहन झारखण्ड छात्र एकता, झारखण्ड आंदोलनकरी मंच, आदिवासी हो समाज महासभा जैसे कई संगठनों ने मिलकर किया है, इनके द्वारा बंदी के पूर्व संध्या पर शहर के कई इलाकों मे मशाल जुलुश निकालकर अपना रोष प्रकट किया गया , इसकी अध्यक्षता कर रहे आदिवासी छात्र एकता के अध्यक्ष जसाई मार्डी ने बताया की झारखण्ड राज्य के कोल्हान क्षेत्र मे भूमि अधिग्रहण क़ानून का सम्पूर्ण पालन नहीं हो रहा है, इस क्षेत्र मे हजारों लोगों को विस्थापित किया जा रहा है लेकिन उनका पुर्नवास नहीं हो रहा है, किसी भी सरकारी निर्माण कार्य के लिए जमीन तो अधिग्रहण कर लिया जाता है, लेकिन उन रैय्यतदारों को सरकरी तंत्र भूमिहिन बना कर छोड़ देती हैँ, और इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता है, साथ ही कोल्हान विश्विद्यालय मे शीर्ष से लेकर निचले पद एक वर्ष से खाली पड़े हुए हैँ जिनपर किसी की पदस्थापना नहीं हुई है जिससे छात्रों को भारी समस्याओं के सामना करना पड़ रहा है, इन तमाम समस्याओं को लेकर आगामी 31 जुलाई को कोल्हान बंद का आवाहन किया गया है.
कोल्हान बंद का “हो” समाज का मिला समर्थन
विभिन्न सामाजिक संगठन द्वारा 31 जुलाई को कोल्हान बंद को आदिवासी “हो” समाज युवा महासभा, राष्ट्रीय कमिटि ने नैतिक समर्थन दिया है. पिछले कुछ दिनों से सरायकेला-खरसाँवां जिला के तितिरबिला गाँव की घटना के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से काफी आलोचनाएँ चल रही थी . आम जनता और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी . सड़क निर्माण कार्य में भूमि अधिग्रहण का मामला सामने आया है और अधिग्रहण के नाम पर प्राकृतिक आस्था स्थल देशाऊली तथा ससनदिरी को भी उखाड़ फेंके जाने का खबर फैला हुआ है. जिसके आलोक में आदिवासी “हो” समाज महासभा और आदिवासी “हो” समाज युवा महासभा के पास न रैयत परिवार और न ही उस गांव के ग्रामीणों ने न मौखिक और न ही लिखित शिकायत कर सहयोग माँगा है. इसके अलावे उस मामले को नेतृत्व करने वाले संगठन के तरफ से भी आदिवासी “हो” समाज महासभा के साथ कोई पत्राचार और बातचीत भी नही किया गया था . जहां तक सरकारी योजना का मामला होगा,उस योजना के लिए ग्रामसभा, विधायक-सांसद की अनुशंसा, कैबिनेट की स्वीकृति,फंड की उपलब्धता,योजना का निर्माण कार्य का सरकार और जिला प्रशासन का संरक्षण एवं क्षेत्र के विद्यायक, सांसद और पूर्व सीएम की चुप्पी समझ से परे है. आदिवासी “हो” समाज युवा महासभा की ओर से आम जनों से अपील है कि ऐसी परिस्थिति में आदिवासी “हो” समाज महासभा और आदिवासी “हो” समाज युवा महासभा पर कड़ी आलोचना करना उचित नही होगा.




