JharkhandPalamu

पलामू : शहर में हर दिन लगता है भयंकर जाम, थम जाती है रफ्तार

Palamu: पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर (डालटनगंज) करीब 125 वर्ष पुराना शहर है. समय के साथ इस शहर में विकास तो हुआ. लेकिन शहर में को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने में कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. शहर के प्रमुख चौराहों हर दिन घंटों जाम का स्थिती बनी रहती है. जो काफी देर तक रहती है. ट्रैफिक जाम को कंट्रोल करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्था भी यहां नाकाफी साबित होती नजर आती है. लोग परेशान रहते हैं और जिला प्रशासन को कोसते नजर आते हैं. शनिवार और रविवार को भी जाम की स्थिति बनी रही. रेड़मा, छहमुहान, पंचमुहान सहित अन्य प्रमुख सड़कों में भयंकर जाम लग गया. कई वाहन जाम में लंबे समय तक फंसे रहे.

इसे भी पढ़ें –

रेड़मा चौक पर रेंगते नजर आते हैं वाहन  

अतिव्यस्त चौकों में शामिल रेड़मा, जो एक तरफ से रांची रोड, जबकि दूसरी ओर से औरंगाबाद और तीसरी ओर से पांकी रोड को जोड़ता है. इस चोक से होकर एक सड़क मुख्य शहर की ओर आती है. इससे यह चौराहा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. अहले सुबह से देर रात तक इस चौराहे से होकर वाहन गुजरते हैं. सुबह में यहां भयंकर जाम लग गया और दर्जनों वाहन यहां फंसे नजर आए.

इसे भी पढ़ें – अपराधियों ने किया हेंदेगीर के स्टेशन मास्टर और पोर्टर का अपहरण,  छोड़ा, रेलवे ट्रैक पर बम लगाया

जहां-तहां ठेले-खोमचों और वाहनों के कारण लगता है जाम  

रेड़मा चौक की तरह पंचमुहान पर भी हर दिन जाम रहता है. इस चौराहे पर जहां-तहां ठेले और दुकानदारों द्वारा सड़क तक कब्जा किए जाने के कारण ऐसी स्थिति बनती है. पंचमुहान से सटे मार्ग पर जूता-चप्पल, कपड़ा आदि की कई दुकानें सड़कों पर लगती हैं. इसके अलावा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से भी लोग जैसे-तैसे सड़क किनारे वाहन लगाते हैं.  नतीजा हर दिन सुबह से लेकर दोपहर बाद तक इस मार्ग को पार करने में राहगीरों के पसीने छूट जाते हैं. यह मार्ग अति व्यस्त है.

पार्किंग सुविधा का अभाव

बाजार क्षेत्र में कहीं भी पार्किंग की सुविधा नहीं है. कपड़ा से लेकर जूता-चप्पल आदि की खरीददारी के लिए ग्रामीण क्षेत्र से अधिक से लोग इस मार्ग में आते हैं. जिससे लोग मजबूरीवश सड़क पर ही मोटरसाइकिल लगाते हैं. जिससे राहगीरों को जाम का सामना करना पड़ता है. प्रशासन और नगर निगम को चाहिए कि पार्किंग की उचित सुविधा मुहैया कराए. शहर के बाजार को जाम से निजात दिलाने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा. व्यवसायिक भवनों में पार्किंग की सुविधा देनी होगी.

इसे भी पढ़ें – पैसे के लेन-देन में शराब दुकान के सेल्स मैन की हत्या, छानबीन जारी  

चोरी होने से लगा रहता है डर 

आखिर आम राहगीर वाहन कहां लगाएं? बाजार के बाहर लगाने पर वाहन चोरी होने का डर सताता है. बाजार में लेकर प्रवेश किए तो जाम का सामना करना पड़ता है. इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को दिलचस्पी दिखानी होगी. बाटा रोड घास पट्टी में पूरे दिन ही जाम लगा रहता है.

ट्रैफिक व्यवस्था फेल

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से फेल है. जो भी पुलिसकर्मी ड्यूटी में हैं, वे ट्रैफिक रूल से अंजान हैं. जिले के अधिकारियों के द्वारा उन्हें प्रशिक्षण देना मुनासिब नहीं समझा जाता है. नतीजा छहमुहान, साहित्य समाज चौक, सद्वीक चौक पर ज्यादा जाम की स्थिति बनी रहती है.

इसे भी पढ़ें – धर्म कोड की मांग को लेकर सरहुल महोत्सव को धार्मिक उलगुलान के रूप में मनायेगा आदिवासी समाज

Related Articles

Back to top button