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जनप्रतिनिधियों के इंतजार में नहीं बंटे कंबल, ठंड से अब तक सात की मौत

Palamu : न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री के बीच स्थिर हो जाने से ठंड जानलेवा हो गयी है. ठंड से हर दिन किसी न किसी की मौत हो रही है. छतरपुर समेत पूरे पलामू जिले में अब तक ठंड से सात लोगों की मौत हो गयी. लेकिन ठंड से निजात दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था नगण्य नजर आती है. कंबल के वितरण के साथ-साथ अलावा का प्रबंध अब तक नहीं हो पाया है.

पांच दिनों से लाया गया कंबल अब तक नहीं बंटा

पिछले एक सप्ताह के दौरान केवल छतरपुर प्रखंड क्षेत्र के बारा गांव में ही तीन लोगों की मौत हो गयी है, लेकिन गरीबों और असहायों के बीच वितरण के लिए लाया गया कंबल कार्यालयों की शोभा बढ़ा रहा है. पांच दिन पहले छतरपुर नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण के लिए लाया गया 3630 कंबल कार्यालय में डंप करके रखा गया है. सील बोरे में पैक कंबलों को अब तक खोलने की भी जहमत किसी ने नहीं उठायी गयी. जिला से लेकर अंचल और फिर अंचल से पंचायत स्तर पर कंबल वितरण की व्यवस्था इतनी लेंदी है कि कंबल मिलने के बाद भी वितरण में कम से कम 15 से 20 दिनों का समय लग जाता है.

22 पंचायतों में होना है वितरण

कंबलों को छतरपुर की 22 पंचायतों में वितरण किया जाना है. छतरपुर के अंचलाधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों के आने पर कंबल बांटे जायेंगे. उन्हें सूचना दे दी गयी है, लेकिन अब तक वे नहीं आ पाये हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या उनके नहीं आने पर कंबल नहीं बांटे जायेंगे? इस पर अंचलाधिकारी ने कहा कि एक बार पुनः उन्हें सूचित किया जायेगा. इसके बाद भी कंबल का उठाव करने नहीं आने पर वितरण के लिए पंचायतों में कंबलों को भेज दिया जायेगा.

किसकी-किसकी हुई मौत

एक सप्ताह के अंदर में बारा गांव में ही डोमन प्रजापति (65 वर्ष), करीमन प्रजापति (70 वर्ष), धनवा कुंवर (72 वर्ष) की ठंड से मौत हो गयी. इधर, जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत लोहड़ी में 55 वर्षीय केदार पांडेय की ठंड लगने से मौत हो गयी. इसी तरह जिले के हुसैनाबाद निवासी 32 वर्षीय कामता चौधरी, पांकी के आसेहा निवासी शिक्षक प्रमोद चंद्रवंशी और चैनपुर निवासी 50 वर्षीय करमू भुइयां की अबतक मौत हुई है.

आग्रह के बाद भी वितरण के लिए नहीं मिला कंबल  

छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड पार्षद रजनीश कुमार ने बताया कि कंबल उठाव के लिए कई बार उनकी ओर से आग्रह किया गया, लेकिन वितरण नहीं किया जा सका है. उन्होंने आरोप लगाया कि छतरपुर के नगर पंचायत बने आठ से नौ माह बीतने को है, लेकिन सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्था अब तक बहाल नहीं हो पायी है.

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