
Latehar: लातेहार जिले के महुआडांड प्रखंड के चैनपुर में रहनेवाले आदिवासी महली समाज के व्यक्ति रामेश्वर महली, चन्द्रेश्वर महली एवं महेश महली की आपनी खुद की जमीन पर हो रहे कब्रिस्तान की बाउण्ड्री का विरोध करते हुए रोकने के लिए महुआडांड अंचलाधिकारी, बीडीओ एवं महुआडांड थाना में आवेदन देना भारी पड़ गया. महुआडांड अंचलाधिकारी के आदेश को ठेंगा देखाते हुए विशेष समुदाय के लोगों ने काम करना जारी रखा.

वहीं महुआडांड अंचलाधिकारी व थाने में सूचना देने को लेकर उन्हे जान से मार डालने की धमकी देने लगे एवं अवैध मजमा बनाकर रामेश्वर महली, चन्द्रेश्वर महली एवं महेश महली के घर को घे लिया एवं घर के दरवाजे को तोड़ने के लिए लाठी डण्डे से भी प्रहार करने लगे. दूरभाष पर जब इसकी सूचना भुक्त भोगियों के द्वारा प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं महुआडांड थाना प्रभारी को दिये तो सदल बल के साथ महुआडांड थाना प्रभारी अवनीश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे जंहा पुलिस बल को भी विशेष समुदाय का लोगों का भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा. विशेष समुदाय के लोग पुलिस को भी नही आने दे रहे थे. परंतु सूझबूझ से किसी तरह पीडित परिवार के लोगों की जान बचाने में पुलिस सफल रही व पीड़ित परिवार के लोगों को सुरक्षित महुआडांड थाने लाने में सफल रही. समाचार लिखे जाने तक सुरक्षा के मद्देनजर पीडित परिवार के सभी लोग थाने मे ही शरण लिए हुए हैं.

क्या है मामला?
लातेहार कल्याण विभाग के फंड से लगभग 22 लाख रुपये की लागत से चैनपुर ग्राम में ईसाई समुदाय का कब्रिस्तान का चहारदिवारी का कार्य होना था. इस कार्य के अभिकर्ता चैनपुर ग्राम के रहनेवाले नितिन टोप्पो पिता जुनस टोप्पो एवं वाल्टर कुजूर पिता स्व. कमिल कुजूर हैं. रामेश्वर महली, चन्द्रेश्वर महली एवं महेश महली तीनों भाई का आरोप है कि कब्रिस्तान के चहारदीवारी के क्रम में इनलोगों के द्वारा उनकी जमीन की भी घेराबन्दी की जाने लगी. उनके मना कटने के बावजूद भी वे नही माने. तब ये तीनो भाई प्रशासन के शरण पहुंचें व आवेदन देकर कार्य रोकने की गुहार लगाई. जिससे नाखुश होकर इसाई समुदाय के लोगो के द्वारा इन तीनो भाईयों के परिवार जनो को जान से मार डालने की धमकी देते घर को घेरकर तोडफोड भी की गई.




