
Giridih: कभी नक्सलियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र के रूप में चर्चित पीरटांड़ का इलाका अब विकास की नई गाथा गढ़ रहा है. सड़क और पुल बन जाने से यहां के लोगों की स्थिति बदल गयी है. बच्चे स्कूल जाने लगे हैं, सरकारी योजनाएं भी यहां पहुंचने लगी है. कुछ वर्षों से हो रहे चुनाव में ग्रामीण बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. बीते 25 मई को हुए लोकसभा चुनाव में भी यहां के लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया.

विकास की राह पर पीरटांड़
पीरटांड़ की पहाड़ियों में बसे इन पंचायतों के गांवों में अब गोली-बम की बात नहीं, शिक्षा की चर्चा है. राज्य सरकार गिरिडीह में तीन नए डिग्री कॉलेज का निर्माण करा रही है. इसमें एक पीरटांड़ के खुखरा थाना के पास पौने 11 करोड़ की लागत से कॉलेज का निर्माण हो रहा है. 38 हजार वर्गफिट में बन रहे 18 कमरों वाले इस डिग्री कॉलेज में स्टूडेंट के लिए एक लेब्रोटरी के साथ एक बड़े कमरे में लाइब्रेरी भी रहेगा. जबकि जिले के डुमरी और गांडेय में भी दो और डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीनों का निर्माण का प्रस्ताव था. जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी देने के साथ तीनों का निर्माण करा रही है. इसका निर्माण भवन निगम लिमिटेड करा रहा है. फिलहाल पूरा काम पूरा होने को है और अगले तीन माह इसे उच्च शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया जाना है. इस डिग्री कॉलेज को हायर एंड टेक्निकल विभाग द्वारा एक एनजीओ के जरिए संचलित किए जाने की बात कही जा रही है. जिसमें ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी इलाके के स्टूडेंट भी स्टडी कर सकेंगे. पीरटांड़ में तेजी से होता विकास इस बात के संकेत हैं कि माहौल बदला है और इलाके के लोग भी अब बदलते पीरटांड़ को पसंद कर रहे हैं.




