
Ranchi: दुमका सीट से भाजपा कैंडिडेट सीता सोरेन ने फिर से झामुमो को निशाने पर लिया है. कुछ दिनों पहले ही जामा विधानसभा सीट से इस्तीफा दे चुकी और हेमंत सोरेन (पूर्व सीएम) की भाभी सीता की मानें तो राज्य में जेएमएम और कांग्रेस की तानशाही सरकार है. इनकी पार्टी के विधायक ही अब इनके साथ नहीं रहना चाहते हैं. सीता सोरेन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखते कहा है कि जेएमएम की भेदभाव और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण कई विधायक नाराज हैं. लेकिन वे सामने नहीं आ रहे हैं. सीता ने झामुमो के वरिष्ठ विधायक लोबिन हेम्ब्रम द्वारा बागी तेवर अपनाने और राजमहल सीट से झामुमो प्रत्याशी विजय हांसदा के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने के फैसले का भी समर्थन किया है. कहा है कि जो क्रांतिकारी हैं, वे सामने आकर अपनी बातों को मुखर होकर जनता के सामने रख रहे हैं तथा विरोध कर रहे हैं. इसके अलावा कुछ तो निर्दलीय चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं.
गौरतलब है कि अबतक झारखंड में सभी लोकसभा सीटों पर इंडी गठबंधन की ओर से कैंडिडेट फाइनल नहीं किया जा सका है. गठबंधन के बीच अब भी कई सीटों को लेकर रार दिख रहा है. जिन सीटों के लिए घोषणा हुई भी है, उसमें अधिकांश पर विवाद भी बना हुआ है. राजमहल सीट से वर्तमान सांसद विजय हांसदा के खिलाफ लोबिन ने मैदान में उतरने की घोषणा कर दी है. सिंहभूम सीट से विधायक जोबा मांझी को हटाकर हो जनजाति समाज से किसी को टिकट दिए जाने की मांग हो रही है. लोहरदगा में कांग्रेस कैंडिडेट सुखदेव भगत को लेकर विधायक चमरा लिंडा नाराज हैं. कहा जा रहा कि वे निर्दलीय भी लड़ सकते हैं. गोड्डा, धनबाद, रांची, चतरा जैसी सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है.
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