
Ranchi : राज्यसभा चुनाव-2016 में हॉर्स ट्रेडिंग मामले में रांची के जगन्नाथपुर थाने में दर्ज मामले में अनुसंधानकर्ता की ओर से साक्ष्य की कमी बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट एसीबी की अदालत में दाखिल किये जाने के मामले में शिकायतकर्ता गृह विभाग के अपर सचिव अविनाश चंद्र ठाकुर एसीबी कोर्ट में 6 अप्रैल को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे. मामले के अनुसंधानकर्ता ने जनवरी 2024 में क्लोजर रिपोर्ट तैयार करते हुए इस केस को बंद करने का आग्रह कोर्ट से किया था. इसके आलोक में अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया था और अपना पक्ष रखने को कहा है. दरअसल, निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 29 मार्च 2018 को जगन्नाथपुर थाने में विशेष शाखा के तत्कालीन एडीजी सह वर्तमान सीआइडी के डीजी अनुराग गुप्ता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में रघुवर दास को भी अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था. इन पर वर्ष 2016 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कांग्रेस की विधायक निर्मला देवी को पैसे का लालच देने का आरोप लगा था. भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा की शिकायत पर इसकी जांच करायी थी. आयोग ने प्रथम दृष्ट्या आरोप को सही पाते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में 14 फरवरी 2020 को तत्कालीन हेमंत सरकार ने एडीजी अनुराग गुप्ता को निलंबित कर दिया था. 15 महीने से अधिक समय तक निलंबित रहे. तब वे सीआइडी के एडीजी थे. उनके खिलाफ राज्यसभा चुनाव 2016 में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए बड़कागांव की तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को लालच दने और उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को धमकाने का आरोप था.
इसे भी पढ़ें – सोरेन vs सोरेन: जेल से ही हेमंत सोरेन ठोकेंगे ताल, सीता के लिए आसान नहीं राह



