
Dhanbad: आईआईटी-आईएसएम के शिक्षक इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का भ्रमण कर छात्र-छात्राओं में विज्ञान व गणित के बारे में जिज्ञासा पैदा कर रहे हैं. आईआईटी संकाय सदस्यों और अनुसंधान विद्वानों की टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर पूर्वी टुंडी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय रूपन के 52 छात्राओं को विज्ञान व गणित के महत्व के बारे बताया.

टीम का नेतृत्व करते हुए प्रो. रश्मि सिंह ने छात्रों को विज्ञान व गणित के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि आज के समय में हमलोग जो भी इस्तेमाल करते हैं, वह टेक्नोलॉजी पर निर्भर है. 3डी तकनीक का उपयोग कर विज्ञान और गणित की जटिलताओं को सुलझाती है, जिसमें विशेषज्ञों से ज्यामितीय योग को हल करने, बहुभुज, सप्तकोण, पिरामिड, समलंब, सहित विभिन्न प्रकार की ज्यामितीय आकृतियाँ को समझाया गया.

स्कूल के प्रिंसिपल गोपाल चंद्र महतो ने कहा कि हमारा स्कूल क्षेत्र के सबसे पुराने स्कूलों में से एक है. बहुत पहले 1955 में और भाग लेने वाले छात्र, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जनजाति के थे. आईआईटी (आईएसएम) के आगंतुकों की प्रशंसा जिन्होंने ज्यामिति के जटिल प्रमेयों को काफी आसानी से समझाया. स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा तुलसी सोरेन (18) ने कहा कि ज्यामितीय आकृतियों के 3-डी मॉडल लाए गए हैं. आईआईटी-आईएसएम ने मुझे परिमाप और क्षेत्रफल की गणना के तरीकों को आसानी से समझने में मदद की.




