Court NewsJharkhandJharkhand StoryKhas-KhabarLead NewsNEWSRanchi

रतन हाइट्स सोसाइटी ने लैंड ओनर एवं बिल्डर की एलपीए पर जल्द सुनवाई करने के लिए किया मेंशन, सुनवाई कल

प्रतिवादी के अधिवक्ता ने मेंशन करते हुए बताया, बिल्डर ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया

Ranchi: मोरहाबादी स्थित रतन हाइट्स का विवाद एक बार फिर झारखंड हाई कोर्ट पहुंचा है. प्रतिवादी रतन हाइट्स बिल्डिंग रेजिडेंशियल सोसायटी की ओर से अधिवक्ता सुमित गड़ोदिया ने लैंडऑनर एवं बिल्डर वीकेएस रियलिटी की एलपीए की सुनवाई जल्द करने का आग्रह करते हुए मंगलवार को मेंशन किया. लैंड ओनर एवं बिल्डर ने हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ एलपीए दाखिल की है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई कल यानी बुधवार को निर्धारित की है.
इसे भी पढ़ें: विधायक समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने राज्य जाति छानबीन समिति द्वारा अंतिम आदेश पारित नहीं करने के आदेश को रखा बरकरार

प्रतिवादी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश के बावजूद भी बिल्डर ने रतन हाइट के बहुमंजिली इमारत के बगल में स्थित गड्ढे को नहीं भरा है. बीते दो-तीन दिन से रांची में हो रही भारी बारिश की वजह से रतन हाइट्स की एक और बाउंड्री रविवार को गिर गई. साथ ही निर्माण के लिए खोदे गए विशाल गड्ढे में भी पानी का लेवल काफी ऊपर आ गया. बाउंड्री वॉल गिरने के कारण गड्ढे का पानी रतन हाइट्स की नींव के भीतर प्रवेश करने की आशंका पैदा हो गयी है. इससे इस बहुमंजिली इमारत को खतरा बढ़ गया है. इसके कारण बिल्डिंग में रहने वाले लोग काफी दहशत में हैं.

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने जुलाई माह में दिया था आदेश

रतन हाईट्स बिल्डिंग रेसिडेंशियल सोसाइटी की याचिका पर हाईकोर्ट ने इस वर्ष जुलाई माह में अपना फैसला सुनते हुए नगर आयुक्त द्वारा संशोधित नक्शा पास किए जाने के आदेश एवं संशोधित नक्शे को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि 46 कट्ठा पर जो कॉमन एरिया था वह कॉमन एरिया ही रहेगा. कोर्ट ने लैंड ओनर और बिल्डर वीकेएस रियलिटी को गड्ढा भरने और यदि उसमें कोई कंस्ट्रक्शन किया है तो उसे हटाने, रिटेनिंग वॉल हटाने और उस जमीन को एक माह में सोसाइटी को हैंड ओवर करने का दिया निर्देश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 86 कट्ठा का नक्शा पास हुआ था वह सही था, उसमें कॉमन एरिया डिसाइडेड था इसलिए 86 कट्ठा में से 46 कट्ठा को अलग कर उसका संशोधित नक्शा पास करना गलत है.

Related Articles

Back to top button