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हाइकोर्ट ने दिया निर्देश, विजिलेंस डीजी 3 माह में जांच कर दोषियों पर करें एफआइआर

38 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में देरी का मामला

Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य में 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर दायर अरुण कुमार दुबे की जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की. हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने प्रार्थी को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित दस्तावेज विजिलेंस के डायरेक्टर जनरल (डीजी) के पास प्रस्तुत करें. विजिलेंस डीजी 3 महीने में मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करें. कोर्ट ने उक्त दिशा – निर्देश देते हुए मामले को निष्पादित कर दिया. मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में पूरक शपथ पत्र दाखिल कर बताया गया कि सिर्फ 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बन पाये हैं. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने पैरवी की. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया था कि वर्ष 2009 में उक्त प्रोजेक्ट के लिए पैसा आवंटित किया गया था, पैसा खर्च हो गये लेकिन काम पूरा नहीं हुआ. कुछ अभियंताओं ने इस प्रोजेक्ट के पैसे को अपने निजी खाते में रख कर उसका सूद लिया है. ऐसे दोषी अधिकारियों एवं उक्त प्रोजेक्ट में देरी करने वाले दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए.

बता दें कि पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि इस प्रोजेक्ट के लिए दिये गये फंड में से जिस अभियंता ने सरकार के पैसे को अपने अकाउंट में रखा था और उसके सूद का पैसा खुद लिया  उसके खिलाफ क्या एक्शन लिया गया. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि आगे से कोई भी सरकार के प्रोजेक्ट का पैसा किसी पर्सनल व्यक्ति के अकाउंट में जमा नहीं होगा. संबंधित विभाग के द्वारा उस प्रोजेक्ट के नाम से एक अकाउंट बनेगा, उसी सरकारी खाते में वह पैसा रहेगा. पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि शेष बचे 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कब तक बन कर तैयार हो जायेंगे. इसके निर्माण में देरी होने का कारण क्या है. पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि वर्ष 2009 में राज्य में 38 प्राथमिक स्वास्थ्य एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने थे. इनमें से 28 बन कर तैयार हो गया है, इसे हैंडओवर भी कर दिया गया है. 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाने में देरी हो रही है.

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