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डुमरी उपचुनावः बेबी देवी या अखिलेश महतो ? अब भी जारी है झामुमो का वेट एंड वॉच

Ranchi: डुमरी उपचुनाव जुलाई में होने की बात कही जा रही है. मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद पिछले तीन महीने से डुमरी को अपने विधायक का इंतजार है. विधायक और मंत्री जगरनाथ महतो का बीते 6 अप्रैल को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. अब जगरनाथ की विरासत को कौन संभालेगा, इस पर मंथन जारी है और संस्पेंस कायम है. चूंकि विधानसभा रिक्त होने के छह माह के अंदर चुनाव संपन्न कराये जाने का नियम है. ऐसे में तीन माह बीतने के बाद अब सुगबुगाहट तेज होने लगी है कि आखिर डुमरी का अगला ‘टाइगर’ कौन होगा. झामुमो इसे अपने खाते की सीट मानता रहा है. आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं. ऐसे में अब सभी की नजर इसी बात पर टिकी है कि झामुमो इस सीट की कमान किसे देगा. जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी या बेटे अखिलेश महतो को. पार्टी किसपर दांव खेलेगी, यह डुमरी ही नहीं बोकारो और गिरिडीह के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.
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नाम को लेकर सस्पेंस जारी

डुमरी जेएमएम की सीटिंग सीट रही है. पिछले चार विस चुनाव में उसके कैंडिडेट रहे स्व. जगरनाथ महतो ही यहां से जीतते रहे हैं. अब परिस्थिति बदल गई है. डुमरी के टाइगर कहे जाने वाले जगरनाथ महतो इस दुनिया में नहीं हैं. ऐसे में अगले कुछ महीनों में होने वाले उपचुनाव में झामुमो को अपने समर्थन के लिए वहां के लोगों की सहानुभूति पर भरोसा है. पार्टी किसे टिकट देगी, बेटा या पत्नी इस बारे में झामुमो फिलहाल पत्ता खोलने के मूड में नहीं दिख रही है. इसे लेकर अब तक सस्पेंस बना हुआ है. पार्टी डुमरी विस उपचुनाव की तारीख की घोषणा का इंतजार कर रही है. पिछले महीने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने डुमरी उपचुनाव को लेकर न्यूजविंग के सवाल पर कहा था कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग जल्दी ही उपचुनाव के तारीखों का एलान कर सकता है. राज्यस्तर पर इस संबंध में तैयारियां पूरी हो चुकी है.

शिबू-हेमंत से कर चुके हैं मुलाकात

पिछले दिनों बेबी देवी और अखिलेश महतो रांची आकर झामुमो प्रमुख और सांसद शिबू सोरेन तथा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर चुके हैं. इस मुलाकात को राजनीतिक मुलाकात नहीं कहा जा सकता है हालांकि इस मुलाकात के दौरान डुमरी उपचुनाव को लेकर शीर्ष नेतृत्व पर चर्चाएं हुई होंगी, इससे इंकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में यही माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले दिनों में इन दोनों में से ही किसी एक पर डुमरी उपचुनाव में अपना दांव लगा सकती है.

सहानुभूति लहर पर भरोसा

पार्टी सूत्रों की मानें तो दिवंगत जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को उपचुनाव में उतारने की ज्यादा संभावना नजर आ रही है. क्योंकि उनके साथ लोगों की संवेदनाएं भी जुड़ी हुई है. पार्टी को भरोसा है कि उसका लाभ पार्टी को मिलेगा. 2019 में सत्ता परिवर्तन और हेमंत सोरेन के सीएम बनने के बाद से अब तक पिछले साढ़ें तीन साल में राज्य में पांच उपचुनाव हो चुके हैं. मधुपुर, बेरमो, दुमका, मांडर और रामगढ़ में उपचुनाव हुए थे. इसमें रामगढ़ को छोड़ बांकी सीटों पर यूपीए प्रत्याशी की जीत हुई थी. इसमें खासकर मधुपुर और बेरमो उपचुनाव में सहानुभूति लहर का फायदा महागठबंधन के प्रत्याशी को मिला था. मधुपुर में पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद झामुमो ने उनके पुत्र हफीजुल हसन अंसारी को मैदान में उतारा था, जबकि बेरमो में पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह के बेटे कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह पर दांव खेला था. इस परिपाटी को देखते हुए डुमरी में जगरनाथ महतो के पुत्र अखिलेश महतो की भी चर्चा चलती रही है. लेकिन अखिलेश का मामला उम्र की वजह से फंस रहा है. सूत्र बता रहे हैं कि अभी उनकी उम्र 25 साल नहीं हुई है हालांकि डुमरी में यह भी चर्चा है कि अखिलेश महतो 25 साल के हो गये हैं. अगर इसमें सच्चाई है तो भी उनके कम उम्र को देखते हुए पार्टी कोई जोखिम लेने को तैयार नजर नहीं आ सकती है.

क्या कहती है पार्टी

झामुमो के प्रधान महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने डुमरी उपचुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी के नाम के सवाल पर न्यूजविंग से कहा कि पार्टी को उप चुनाव की तारीख के एलान का इंतजार है, ऐसे में जैसे ही तिथि की घोषणा होगी पार्टी अपने कैंडिडेट के नाम का एलान कर देगी.

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