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मजदूरों के बलिदान से बने श्रम कानूनों में बदलाव देश का दुर्भाग्य: सीपीआई

Ranchi:  देश में श्रम कानूनों को बदल दिया गया है. मोदी सरकार ने 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल दिया है. जिससे मजदूरों को दिये सारे अधिकार छीन लिये जायेंगे ये बातें भारतीय कम्यूनीस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कही. उन्होंने कहा कि 2024 के बाद मुस्तैदी से चार श्रम कानून को लागू सरकार किया जायेगा. जो देश का दुर्भाग्य है. जहां मजूदरों के लिये बनी कानून से छेड़छाड़ किया जा रहा है. पाठक ने कहा कि रांची नगर निगम में भी मजदूर विरोधी कार्यशैली देखी जा रही है. रांची बस सेवा के कर्मचारियों को बगैर मजदूरी के गाड़ी चलवाया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर इन बस सेवकों को परमानेंट किया जायें. बिचौलिये के माध्यम से नगर निगम की बस सेवा चला रहा है. जिससे बस कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि हेमंत सरकार तमाम ठेके पर रखे गये लोगों को परमानेंट करें.

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मजदूरों की एकता जरूरी

इस दौरान बाबूलाल झा ने किया मजदूरों के लिये आठ घंटा काम आठ घंटा आराम आठ घंटे मनोरंजन के लिए कानून मजदूरों की शहादत से बनी है. इसलिए अपने हक अधिकार को बुलंद करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लड़ाई लड़ेगी. इस दौरान जितेंद्र कुमा, इम्तियाज खान, सुरेंद्र कुमार, दीक्षित, राजीव शुक्ला, नीरज कुमार सिंह, नवाब खान, किरण मोहली समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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