
Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य के जिलों में शराब के होलसेल एवं रिटेल के टेंडर में गड़बड़ी से संबंधित उमेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से जवाब दायर नहीं हो सका. इस पर कोर्ट ने जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 26 अप्रैल को निर्धारित की. आयकर विभाग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने प्रार्थी को पूरक शपथ पत्र दाखिल कर अपने क्रेडेंशियल की जानकारी देने एवं उसके द्वारा मामले से संबंधित पुलिस में एफआइआर करने को लेकर पहल करने की जानकारी देने को कहा था. साथ ही कोर्ट ने मामले में प्रतिवादियों को भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था. पूर्व की सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि राज्य के जिलों में शराब के होलसेल के टेंडर में शामिल होने के लिए 25 लाख रुपये नन रिफंडेबल राशि तय की गयी थी. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया था कि राज्य के विभिन्न जिलों में शराब के होलसेल और रिटेल का टेंडर लेने के लिए कोलकाता से झारखंड के 3 जिलों में अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये भेजे गये थे. यह उन कंपनियों के खाते में भेजे गये थे जहां जिनके खाते में मात्र दो-चार हजार रुपये हुआ करते थे. उसी खाते से सारा पैसा राज्य के अन्य जिलों में शराब के होलसेल के टेंडर के लिए 25 -25 लाख रुपये जमा करने में इस्तेमाल हुआ था. कोलकाता से भेजे गये पैसों का इस्तेमाल शराब माफिया की ओर से झारखंड के सभी जिलों में शराब के होलसेल का टेंडर लेने के लिए किया गया था. प्रार्थी ने इसकी जांच कराने का आग्रह कोर्ट से किया था.
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