
Ranchi : साहिबगंज के आदिम जनजाति के लोगों को बुनियादी सुविधा यथा सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल, रोजगार, पेंशन सुविधा आदि उपलब्ध कराने को लेकर दाखिल सूर्य कुमार पहाड़िया की जनहित याचिका की सुनवाई मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने 6 माह के भीतर साहिबगंज की पहाड़िया जनजाति को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है. कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया. प्रार्थी के अधिवक्ता अनूप कुमार अग्रवाल की ओर से कोर्ट को बताया गया साहिबगंज के आदिम जनजाति के लोगों को बुनियादी सुविधा जिनमें सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल, रोजगार, जन वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन, सरकार की पेंशन स्कीम, सरकार की डाकिया योजना की तरह घर-घर राशन पहुंचाने की योजना आदि शामिल है की सुविधा नहीं मिल पा रही है. कोर्ट को बताया गया साहिबगंज के तीन तरफ से पहाड़ है एक तरफ से नदी है. पहाड़ के ऊपर सूर्या पहाड़िया की करीब 50 हजार की आबादी रहती है जो आदिम जनजाति है. भारत सरकार ने वर्ष 2015 में ट्राइबल ग्रुप का एक लिस्ट बनाया था जिसमें सूर्या पहाड़िया भी शामिल है. सूर्या पहाड़िया आदिम जनजाति में आता है. केंद्र सरकार सरकार ने राज्य सरकार को पावर दिया गया है कि वह इन जनजाति के लोग जहां रहते हैं वहां जाये. साथ ही इन जनजातियों की आवश्यकताओं को देखते हुए उनके लिए स्कीम बनायें. केंद्र सरकार इसकी शत-प्रतिशत राशि का खर्च वहन करेगी. इनके लिए आजीविका, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, घर, सड़क कनेक्टिविटी, बिजली, सिंचाई खेलकूद को ध्यान में रखते हुए इसकी स्कीम बनाने को कहा गया था. इसके बाद भी राज्य सरकार की ओर से साहेबगंज के पहाड़िया जनजातियों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
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