
Chaibasa: जेएलएन कॉलेज में मुलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस कमेटी के प्रखंड अध्यक्ष विजय सिंह सामड ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीओ रीना हांसदा को ज्ञापन सौंपा. इसमें कहा गया है कि शहर के जेएलएन कॉलेज में सात हजार से अधिक विद्यार्थी सात कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं. कॉलेज में आवश्यकतानुसार ना क्लास रूम में है, ना ही परीक्षा हॉल की व्यवस्था है. चक्रधरपुर अनुमंडल के सातों प्रखंडों से विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं. यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है. कमरों की कमी के करण कई वर्षों से इस क्षेत्र में आदिवासी विद्यार्थी कॉलेज में नामांकन करने से वंचित हो रहे हैं.
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विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए कॉलेज में 10 कमरे, परीक्षा हॉल, सौ-सौ बेड का बालक-बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाये. यदि एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं होती है, तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर कांग्रेस के कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे. मौके पर प्रखंड उपाध्यक्ष आर्यन हांसदा, अमित मुखी, जयदेव कैवर्त, भोलेनाथ बोदरा, जगरनाथ बोदरा, सूरज कांडेयांग, सुशील तांती, लक्ष्मण कांडेयांग, राजु लकडा आदि मौजूद थे.
शोधकार्य समाज के विकाश के लिए होता है:डॉ श्रीनिवास
शोध एक वैज्ञानिक सम्मत प्रक्रिया है, शोध कार्य समाज के विकाश के लिए होता है. समाज के समस्याओं को दूर करने के लिए है, उक्त बातें जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के प्राचार्य डॉ श्रीनिवास कुमार ने कुरमाली विभाग द्वारा बीएड हॉल मे आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही. कार्यशाला की अध्यक्षता प्रो मनसा महतो ने की. गुरुवार को कुड़माली विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला का विषय “शोध पत्र कैसे तैयार किया जाए”रखा गया था. प्राचार्य ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध एक सतत प्रक्रिया है. सभी को सरकारी नौकरियां नहीं मिल सकती है. ऐसी शिक्षा हो जो रोजगार की तरफ हो. तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास की भी जरूरत है.

श्रीनिवास ने नई शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान के साथ योगा विषय पर भी ध्यान देना पड़ेगा। व्यक्ति को सर्वागीण विकास के लिए उच्च शिक्षा जरूरी है। आवश्यकताएं अविष्कार की जननी है उन्होंने यह भी कहा है कि बि ए. सेमेस्टर 6 में 75% अंक लाने वाले छात्र-छात्राएं ही ऑनर्स की पढ़ाई कर सकते हैं। डॉ अरुण कुमार ने भी शोध कार्य के विषय पर विस्तार पूर्वक अपनी बात रखी। इस अवसर पर प्रोफेसर भवानी शंकर मिश्रा, प्रोफेसर भूपति महतो समित महतो,भारती महतो, रेखा महतो, पुरनामी महतो रंगीता महतो, छक्कनलाल महतो , सुभद्रा महतो, रितु महतो रेशमी महतो, रेखा महतो, आदि उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन प्रोफ़ेसर मनसा महतो ने किया।




