BokaroJharkhandJharkhand StoryLead NewsMain SliderNEWSRanchiTOP SLIDER

खेल टेंडर काः ग्रामीण विकास के चौंकाने वाले जवाब के बाद ये हुआ साफ-बोकारो में 18 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण बना ‘पॉकेट भरो मिशन’

 Amit Jha

Ranchi: बोकारो में 18 नए आंगनबाड़ी भवन बनाने की तैयारी है. टेंडर जारी कर 17 मार्च तक आवेदन मांगे गये हैं. 18 भवनों में से पेटरवार ब्लॉक में 12 और कसमार में 6 भवन बनाए जाने हैं. इनमें से हरेक की लागत 15 लाख 400 रुपये तय की गयी है. दो साल पहले एक आंगनबाड़ी केंद्र की बिल्डिंग बनाने पर 6 लाख 53 हजार 512 रुपया की लागत आती थी. पर अब यह इस्टिमेट 15 लाख रुपये से भी अधिक हो गया है. बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में बोरिंग के नाम पर यह बजट तय किये जाने की बात हो रही. न्यूज विंग ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था. जिसके बाद सदन में धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने इसे प्रमुखता से उठाया. हो-हल्ला शुरू हुआ. क्योंकि जल जीवन मिशन (JJM) से आंगनबाड़ी भवनों को प्रायरिटी के साथ पानी कनेक्शन देने का प्रावधान है ही, तो बोरिंग करने के नाम पर 6.53 लाख का बजट दोगुने से भी अधिक कैसे हो गया. इसे आंगनबाड़ी भवन निर्माण स्कीम नहीं, ‘पॉकेट भरो’ स्कीम कहा जा रहा.

इसे भी पढ़ें: किस्सा ग्रामीण विकास के टेंडरों काः दो साल पहले जिस आंगनबाड़ी का निर्माण 6.53 लाख में होता था, अब बनेगा 15 लाख में, 8.5 लाख की वृद्धि

महंगाई का हवाला

मनरेगा और महिला, बाल विकास विभाग की पहल पर बोकारो सहित दूसरे जिलों में 6 लाख 52 हजार 512 रुपये में ही एक आंगनबाड़ी भवन दो साल पहले (2021-22) बनाया जा रहा था. इसके बाद 19 फरवरी 2023 को मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी की तरफ से सभी जिलों को निर्देश जारी करते इसका बजट 10 लाख रुपये करने को कहा गया. इसमें मनरेगा से 4.53 लाख के बजट को 8 लाख कर दिया गया. महिला, बाल विकास विभाग पूर्व की तरह ही 2 लाख ही दे रहा. इस हिसाब से किसी भी जिले में इस भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तक का ही प्रावधान तय है. पर इसके उलट बोकारो में 15 लाख 400 रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन बनाये जाने की तैयारी है. हालांकि ग्रामीण विकास विभाग कह रहा कि डीएमएफटी मद से 18 आंगनबाड़ी भवन तैयार किए जा रहे हैं. इसमें हैंडपंप की सुविधा सहित बोरिंग और अन्य कामों के चलते यह बजट तय हुआ है. जिसे न्यूज विंग एक भ्रामक और चौंकाने वाला जवाब मानता है. क्योंकि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में पानी की व्यवस्था करने का अलग से सरकारी नियम है. जब किसी भी आंगनबाड़ी में अलग से पानी की व्यवस्था करने का नियम है तो फिर अलग से बोरिंग करने की क्या जरूरत है.

जल जीवन मिशन के तहत होनी है पानी की व्यवस्था

जल शक्ति मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक हर घर (ग्रामीण) को पानी कनेक्शन देने का लक्ष्य तय कर रखा है. इसके लिए भरपूर फंडिंग भी वह राज्यों को कर रहा. जेजेएम के तहत गांव, कस्बों में स्थित आंगनबाड़ी भवनों, अस्पतालों, स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर टैप कनेक्शन की सुविधा देने को कहा है. इस आधार पर सभी चौबीसों जिले में आंगनबाड़ी सेंटरों में नल से जल की सुविधा दिए जाने पर काम भी जारी है. अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 21,283 केंद्रों (55 फीसदी) में यह सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है. बोकारो में 2256 आंगनबाड़ी भवनों में से 1338 में (59.31 प्रतिशत) नल से जल की व्यवस्था हो गयी है. बनने वाले आंगनबाड़ी भवनों में भी जल जीवन मिशन के तहत पानी की व्यवस्था करना अनिवार्य है. ऐसे में अलग से बोरिंग करने की बात जो विभाग की तरफ से की जा रही है, वो समझ के परे है.

मिशन कमीशन का भरोसाः राज सिन्हा

विधानसभा में इसे लेकर सरकार से सवाल पूछने वाले विधायक राज सिन्हा ने न्यूज विंग से कहा कि 6.53 लाख के बजट को 15 लाख का बनाकर इसे आदर्श बजट कहा जा रहा है. यह संदिग्ध है. केंद्र के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से आंगनबाड़ी भवनों को लाभान्वित करने की बजाये सरकार खुद लाभान्वित होना चाह रही. इसमें मिशन कमीशन के लक्षण साफ दिख रहे. ग्रामीण विकास विभाग निर्माण के जरिये पॉकेट भरो मिशन पर सरकार इसमें लगी है.

इसे भी पढ़ें: NEWS WING IMPACT: सदन में उठा आंगनबाड़ी भवन निर्माण का मामला, 6.50 लाख रुपये का होता था बजट, अब हुआ 15 लाख का

Related Articles

Back to top button