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रांची: किसान महासभा ने मंत्री बादल से की शिकायत, कहा- कृषि विभाग औऱ कृषकों में है संवादहीनता

Ranchi:  झारखंड किसान महासभा ने बुधवार को कृषि मंत्री बादल से उनके आवासीय कार्यालय में भेंट की. इस दौरान शिकायत जताते कहा कि प्रदेश में विभागीय संवाद किसानों के साथ ना के बराबर है. महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राय ने मंत्री से कहा कि योजनाओं,नीतियों के निर्माण में अपनाए जाने वाले मापदंडों के बारे में किसानों से कोई राय नहीं ली जाती. विभाग द्वारा संचालित कई योजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं. बेकार की हैं. उनमें करप्शन भी खूब है. मंत्रीजी को इस ओर ध्यान देना होगा. प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रदेश के किसानों को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है. बीते एक महीने में फसलों का नुकसान हुआ है. दो कृषक की मौत हो चुकी है. बावजूद इसके कृषि विभाग के स्तर से कोई बयान तक नहीं आया जो कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्पष्ट नीति बनाए. बादल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते कहा कि झारखंड किसान महासभा द्वारा दिए गए सारे सुझावों पर संज्ञान लिया जाएगा. जल्द ही राज्य में किसानों और विभागीय अधिकारियों के बीच बैठक कराई जाएगी ताकि संचालित योजनाओं की समीक्षा हो पाए तथा एक बेहतर भविष्य के लिए योजना बनाई जा सके. महासभा ने मंत्री को 10 सूत्री एक ज्ञापन पत्र भी सौंपा.

कृषि उपकरणों की खरीद बिक्री की हो जांच

पंकज राय ने प्रदेश में बागवानी मिशन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की समीक्षा करने के लिए मंत्री से निवेदन किया. कहा कि महासभा के द्वारा तमाम ऐसे आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं जिनके आधार पर पता लगता है कि विभागीय स्तर पर कृषि उपकरणों की खरीद बिक्री के नाम पर अनियमितता बरती गई है. कुछ दिनों पहले प्रिजर्वेशन यूनिट की खबर मीडिया में प्रमुखता से आयी भी थीं. महासभा के महासचिव उपेंद्र गुरु ने कहा कि झारखंड में मोटे अनाजों के उत्पादन की अकूत संभावना है. अगर सही नीतियों एवं योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए तो झारखंड मडुआ के उत्पादन के साथ-साथ अन्य मोटे अनाजों के उत्पादन में अग्रणी राज्य बन सकता है.

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