
Ranchi : महिला, बाल विकास विभाग के सचिव कृपानंद झा ने कहा कि बच्चे परिवार, राज्य और देश के भविष्य होते हैं. बच्चों को कुपोषण से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए विभाग पूरी तत्परता, सजगता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है. राज्य को हर हाल में कुपोषण मुक्त करने की दिशा में कार्य करना है. राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें. बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं को प्रतिबद्धता के साथ लागू करें. राज्य में कुपोषित बच्चों और एनीमिया पीड़ित महिलाओं का सर्वे कर पहचान करें तथा हेल्थ वर्कर्स इनका मेडिकल चेकअप करा कर डाटा तैयार करें. उक्त बातें प्रोजेक्ट भवन परिसर सभागार में राज्य अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन समिति बैठक में सचिव कृपानंद झा ये बातें कहीं.
झारखंड के अधिकतर बच्चे कुपोषण से ग्रसित
झारखण्ड राज्य गठन के 22 वर्ष बाद भी झारखण्ड कुपोषण की बड़ी आपदा से घिरा है. ताजा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ सर्वेक्षण 5 के अनुसार, झारखण्ड के अधिकतर बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं. एनीमिया से 69 प्रतिशत बच्चे 65 प्रतिशत महिलाएं प्रभावित हैं. सरकार राज्य की माताओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य में सुधार कर कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ महाभियान समर के साथ प्रयास शुरू किया गया है.
समर अभियान योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश
झारखंड राज्य पोषण मिशन की महानिदेशक की राजेश्वरी बी ने समर अभियान योजना के कार्य प्रगति में तेजी लाने का निर्देश विभाग के पदाधिकारियों को दिया. बैठक में विभागीय सचिव ने बताया कि इस अभियान से समयबद्ध तरीके से सेवाएं प्रदान करना, ठोस एवं सघन अनुश्रवण एवं हस्तक्षेप की अवसंरचना के लिए तंत्र को सुनिश्चित किया जा रहा है.
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