
Ranchi: झारखंड में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत लगातार कई मामले की जांच कर रही है. ईडी की नजर अब राजधानी रांची में जमीन कारोबार में हुए मनी लॉन्ड्रिंग पर है. ईडी की टीम इसकी तैयारी में है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी ने बरियातू स्थित सेना की 4.55 एकड़ जमीन कोलकाता की जगतबंधु टी स्टेट कंपनी द्वारा खरीदे जाने की जांच करेगी. इसके अलावा ईडी रांची में दो दर्जन से अधिक के बड़े प्लॉट की खरीद बिक्री की भी जांच करेगी. जानकारी के अनुसार ईडी जमीन के विवाद से संबंधित कागजात खंगालने की तैयारी में है, मामले में जमीन के पक्षकारों से भी ईडी पूछताछ कर सकती है.
बता दें कि बड़गाईं अंचल के मोरहाबादी मौजा की 4.55 एकड़ सेना की कब्जे वाली रैयती जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री करने के मामले में रांची के बरियातू थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार की अदालत ने दिया था. जिसमें रांची के दो रजिस्ट्रार घासी राम पिगुआ व वैभव मनी त्रिपाठी, बड़गाईं के अंचलाधिकारी मनोज कुमार, फर्जी रैयत प्रदीप बागची, खरीदार जगतबंधु टी-इस्टेट के निदेशक दिलीप कुमार घोष, जयप्रकाश नारायण सिन्हा, मेसर्स गोयल बिल्डर्स अपर बाजार के निदेशक, मोहम्मद जैकुल्लाह और मानवेंद्र प्रसाद को आरोपी बनाया गया था. इनपर जान बूझकर फर्जीवाड़ा कर दूसरे की जमीन की खरीद-बिक्री का आरोप है. दिलीप कुमार घोष ने सात करोड़ रुपये में प्रदीप बागची नामक कथित रैयत से सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन खरीदी थी. इस फर्जीवाड़े में सरकारी अधिकारियो की भी मिलीभगत की बात सामने आयी थी. गौरतलब है कि राजधानी रांची में कई जमीन विवादित रही है.
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कमिश्नर की रिपोर्ट में जमीन का असली मालिक जयंत करनाड
सेना के कब्जे वाली जमीन पर विवाद होने के बाद पूरे मामले की जांच दक्षिणी छोटानागपुर के प्रमंडलीय आयुक्त उप निदेशक कल्याण से कराई थी. उन्होंने गत वर्ष 20 दिसंबर 2021 को जांच रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी थी. जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त जमीन से संबंधित खतियान प्रमोद नाथ दास गुप्ता वल्द बाबु प्रताप नाथ दास गुप्ता के नाम पर है. वर्तमान में उक्त भूमि पर सेना का दखल-कब्जा है. खतियानी रैयत प्रमोद नाथ दास गुप्ता की एकमात्र पुत्री सरस्वती दास गुप्ता थी, जिनके पति मुंजेश्वर लक्ष्मण राव थे. उनके एक पुत्र बी. मुंजेश्वर मुकुंद राव व पुत्री मालती करनाड हुईं. पुत्र बी. मुंजेश्वर मुकुंद राव को कोई संतान नहीं था. जबकि, मालती करनाड को एक बेटा जयंत करनाड हुए. मालती करनाड की मृत्यु के बाद वही उस भुखंड 4.55 एकड़ के एक मात्र उत्तराधिकारी हुए. अदालत में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि सेना के कब्जे वाली जमीन के असली मालिक जयंत करनाड हैं. आयुक्त की रिपोर्ट में इसका जिक्र है कि वर्ष 1967 से 2017 तक विभिन्न न्यायालयों ने खतियानी रैयत के वंशजों को उक्त भूमि का मालिक स्वीकार किया है.




