NEWS

टाटा स्टील में बोनस का टी-20 : दूसरी कंपनियों में जितना सालाना पैकेज नहीं, उतने का बोनस मिला

संजय प्रसाद  

Jamshedpur : टाटा स्टील के इतिहास में अभी तक का सर्वाधिक बोनस हुआ है. कंपनी के लाभ के अनुपात में बोनस की राशि कर्मचारियों को तो नहीं मिली है, लेकिन इतनी राशि मिली है कि वह बाजार में गर्मी ला सकती है. जितना पैकेज दूसरी कंपनियों के कर्मचारियों का सालाना नहीं होता, उससे ज्यादा की राशि कर्मचारियों को बोनस के रूप में मिली है.

बोनस की राशि 317.51 करोड़ की मिली है
इस साल टाटा स्टील ने बोनस की कुल राशि 317.51 करोड़ दी है, जो पिछले साल 270.28 करोड़ रूपए थी. यह 317.51 करोड़ की राशि टाटा स्टील जमशेदपुर समेत भारत के सारे लोकेशन की हैं. इन सारे लोकेशनों के कुल कर्मचारियों की संख्या 23710 है, जिनके बेसिक और डीए की राशि 1587 करोड़ है. इस बोनसेबल सैलरी की 20 फीसदी राशि 317.51 करोड़ हो रही है.  इसमें से टाटा स्टील जमशेदपुर और ट्यूब्स का बोनस 188.64 करोड़ रूपए है, जो पिछले साल 158.31 करोड़ रूपए था. इस तरह जमशेदपुर और ट्यूब्स के कर्मचारियों को इस साल बोनस के रूप में 30 करोड़ ज्यादा मिलेगा. जबकि  पुराने फार्मूला के अनुसार बोनस की गणना नेट प्रोफिट, प्रोफिटिबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी (एलटीआईएफआर) के आधार पर होती है. पुराने फार्मूले के अनुसार पिछले साल बोनस की राशि में सेफ्टी मानदंड में कोई भी राशि नहीं मिली थी.

बोनस की समेकित राशि 364 करोड़
इस साल अगर बोनस के साथ ही गुडविल राशि को जोड़ दिया जाय तो वह 364 करोड़ रूपए हो जाती है, जो पिछले साल की राशि से लगभग 94 करोड़ रूपए ज्यादा है.

डीएलसी ने कहा–ठेकाकर्मियों के बोनस के बारे में भी विचार करें
बोनस समझौता में टाटा स्टील प्रबंधन के साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी और डीएलसी भी शामिल हुए. समझौता के बाद डीएलसी राजेश प्रसाद ने प्रबंधन से कहा कि टाटा स्टील हमेशा से मजदूरों के कल्याण में आगे रहा है. ऐसे में वह क्यों नहीं ऐसा कोई सिस्टम बनाएं, जिसमें ठेका कर्मियों को भी बोनस मिलें. फिलहाल ठेकेदार की ओर से बोनस दिया जाता है, लेकिन ठेकेदार इसमें अपनी मनमानी करता हैं. समझौते पर हस्ताक्षर टाटा स्टील के प्रबंधन निदेशक टीवी नरेन्द्रन, वीपी एचआरएम आत्रेयी सान्याल समेत टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री और सारे ऑफिस बेयरर्स शामिल थे.

इस साल कोविड को लेकर फ्लैट 20 हजार की राशि
पहली बार टाटा स्टील में कोविड के दौरान कर्मचारियों के काम को लेकर 20 हजार रूपए की गुडविल राशि देने का फैसला लिया गया है, जो सारे कर्मचारियों को एक समान मिलेगी, चाहे वे जिस ग्रेड के हों. इस तरह गुडविल राशि 47 करोड़ के करीब है.

अधिकतम राशि 5 लाख के करीब पहुंची
इस साल ओल्ड सिरीज के कर्मचारियों को बोनस के रूप में अधिकतम राशि 478411 रुपये मिलेगी, जिसमें से 458411 बोनस और 20 हजार रुपये गुडविल राशि है.

2021 में 9752.13 करोड़ था नेट प्रॉफिट
2020-21 में कंपनी का नेट प्रोफिट 9752.13 करोड़ रहा था, जो 2021-22 में 41,749 करोड़ हो गया है. पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने अब तक के इतिहास में सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन किया है. वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 41,749 करोड़ रूपए का रहा है. अगर इसका केवल डेढ़ प्रतिशत लिया जाय तो वह राशि 626 करोड़ रूपए हो जाती है.

प्रोफिटिबिलिटी की राशि ऐसे निकलती है
पिछले साल यह राशि 51.5 करोड़ थी. नेट प्रोफिट (शुद्ध मुनाफा) 9752.13 करोड़ को सेलेबल स्टील 12.04 टन से भाग देने पर जो अंक आता है, उतना प्रोफिटिबिलिटी की राशि होती है.

प्रोडक्टिविटी की राशि ऐसे निकलती है
पिछले साल प्रोडक्टिविटी की राशि 72.5 करोड़ रुपये रही थी. यह राशि कुल क्रूड स्टील 12.19 टन में टाटा स्टील के सारे लोकेशनों के मैनपावर 22871 से भाग देने पर आती है.

पिछले साल अधिकतम 359029 रुपये रहा था बोनस
2021 में अधिकतम बोनस 359029 रूपए मिला था जो 2020 में 301402 रूपए थाय ओल्ड सीरिज में यह अधिकतम बोनस थी, जबकि न्यू सीरिज (एनएस) में पिछले साल न्यूनतम बोनस 34290 रूपए और अधिकतम 92910 रूपए मिला था.

जमशेदपुर के कर्मचारियों को 158.31 करोड़ बोनस के मद में मिले थे
जमशेदपुर के कर्मचारियों (ट्यूब समेत) को 2021 में कुल बोनस 270.28 करोड़ में से 158.31 करोड़ रूपए मिले थे. जमशेदपुर और ट्यूब डिवीजन में कुल कर्मचारियों की संख्या 12558 थी, जो 2020 में 12807 थी.

बोनस का प्रतिशत 16.56 रहा था
2021 में साल बोनस का प्रतिशत 16.56 रहा था. वैसे कंपनी पिछले पांच साल से प्रतिशत के आधार पर बोनस नहीं दे रही है. लेकिन बोनस की राशि में कुल बोनेसेबल एमाउंट से भाग देकर बोनस का प्रतिशत निकाला जाता है.

इसे भी पढ़ें – अमिताभ कुमार गुप्ता बने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष

Related Articles

Back to top button