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सीमा पात्रा प्रकरण: सजायाफ्ता कैदी की तरह हथकड़ी लगाकर बेटे को कराया रिनपास में भर्ती, खबर छपी तो आनन फानन में छुड़ाया (पार्ट-3)

Akshay Kumar Jha
Ranchi: झारखंड की बेटी सुनीता खाखा कुमारी को इंसाफ दिलाने के लिए न्यूज विंग की तरफ से छेड़ी गई मुहिम रंग ला रही है. ऐसा शायद पहली बार हुआ हो कि अपने स्वस्थ बेटे को पागल करार कर किसी मां ने मानसिक आरोग्य संस्थान रिनपास में भर्ती कराया हो. लेकिन सीमा पात्रा ने ऐसा ही किया और इस काम में सीमा को साथ मिला उसकी अपनी बेटी वत्सला पात्रा का.

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बेड़ियों में बांधकर रिनपास में भर्ती कराया

सीमा पात्रा लगातार अपने घर की मेड सुनीता खाखा पर जुल्म करती थी. तवा से जलाने के अलावा लोहे के रॉड से आगे की दांत को तोड़ दिया था. बेल्ट से अंधाधुंध पिटाई करती थीं. इसका विरोध बीआईटी मेसरा से पास आउट उनका पुत्र आयुष्मान पात्रा किया करता था. जब बेटे ने देखा कि वो अकेला सुनीता खाखा को इस अंतहीन यातना से नहीं छुड़ा सकता है तो उसने अपने बीआईटी के बैचमेट  विवेक आनंद बास्के से मदद लेने की सोची. उसे देर रात फोन किया और इन सारी बातों की जानकारी दी. आनंद बास्के आधी रात को ही अशोक नगर स्थित सीमा पात्रा के आवास पर पहुंच गए. उन्होंने न सिर्फ पूरी वस्तुस्थिति समझी बल्कि बड़ी सूझ-बूझ के साथ आगे की रणनीति भी बनायी. लेकिन तभी सीमा पात्रा को लगा कि उसका भांडाफोड़ हो सकता है. ऐसे में सीमा पात्रा अपने बेटे को पागल करार की साजिश रचने लगीं. बकायदा उसे कांके स्थित रिनपास ले गयी. इस बात की भनक जब शिकायतकर्ता बास्के को लगी तो वो भी वहां पहुंचे. वहां आयुष्मान ने बास्के से कहा कि चलो मुझे तो मेरी मां ने पागलखाना पहुंचा दिया, कम से कम अब सुनीता खाखा को तो बचा लो. बाकायदा हाथों में हथकड़ी बंधवाकर आयुष्मान को सीमा पात्रा और उसकी बेटी वत्सला ने मनोरोगी विभाग रिनपास में भर्ती करा दिया.

आदिवासी बेटी से मुंह से साफ करवाया पेशाब, दर्जनों जख्म लिए जिंदगी-मौत से जूझ रही सुनीता, अपने बेटे को भी मनोरोगी बता रिनपास में कराया भर्ती- देखें वीडियो (पार्ट-2)

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नौ दिनों में ही आयुष्मान ठीक हो गया!

शिकायतकर्ता विवेक आनंद बास्के ने सुनीता खाखा को सीमा पात्रा की कैद से छुड़ाने की सोची. उन्होंने पुलिस में शिकायत की. पुलिस जब सीमा पात्रा के यहां पहुंची तो शिकायत सच निकली. सुनीता की दुर्दशा देखकर कोई भी घबरा जाता. उसे तत्काल रिम्स में भर्ती कराया गया. इधर आनंद बास्के ने लड़ाई को और आगे ले जाने की सोची. किसी भी हाल में अपने दोस्त को रिनपास से बाहर लाना चाहता था. उसने मीडिया से मदद मांगी. सबूत के आधार पर न्यूजविंग ने खुलकर सीमा पात्रा के खिलाफ मुहिम चलायी. खबर का असर हुआ. सीमा पात्रा अब बैकफुट पर है. सीमा की बेटी वत्सला अपने भाई को 29 अगस्त (जिस दिन खबर छपी) को रिनपास से वापस ले आईं. ऐसे में सवाल अब यह कि आखिर कैसे सिर्फ नौ दिनों में आयुष्मान ठीक हो गया? किस आधार पर पहले उसे रिनपास ने भर्ती लिया? न्यूजविंग को मिली सूचना के मुताबिक आयुष्मान पात्रा मानसिक रूप से बिलकुल स्वस्थ हैं.

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न्यूज विंग अगली किस्त में आपको बताएगा कि कैसे आयुष्मान पात्रा मानसिक रूप से स्वस्थ हैं.
To be continued….

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