
Ranchi: झारखंड में डीआरडीए की तर्ज पर रूर्बन मिशन योजना भी अब बंद होने क कगार पर है. इस योजना के लिए और एक बार राशि देने के बाद केंद्र सरकार ने भविष्य में पैसा देने से मना कर दिया है. इस संबंध में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ.विश्वजीत बनर्जी ने झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को पत्र लिख कर अवगत करा दिया है. भारत सरकार के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने श्यामा प्रसाद रूर्बन मिशन योजना को एक 1 अप्रैल 2022 से ही डिस्कन्टीन्यू करने का निर्देश दिया. साथ ही 30 मार्च 2022 के बाद इस योजना के लिए पैसा भी नहीं देने का निर्णय लिया था. लेकिन पूरे मामले को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त एवं व्यय मंत्रालय के समक्ष रखा जिसके बाद 31 दिसंबर 2022 तक इसे चलाने का निर्णय लिया गया.
इसे भी पढ़े: झारखंड में भी खपता है तस्करी के सोने चांदी,पकड़े गये तस्कर के निशानदेही पर कार्रवाई
शर्तों के साथ मिली इस बार राशि
केंद्र सरकार ने सिर्फ एक बार शर्तो के साथ इस योजना के लिए फंड रिलिज जारी करने का फैसला लिया है. सिर्फ वैसी योजनाओं के लिए राशि दी गई जो चालू योजना है. रूर्बन मिशन योजना से झारखंड के पास 129 करोड़ की देनदारी है,इसमें 77.79 करोड़ रुपये केंद्र का शेयर होगा वहीं 51.86 करोड़ रुपये की राशि स्टेट शेयर है. वहीं,पहले से करीब 54 करोड़ रुपये की राशि बिना खर्च के पड़ी हुई है. भारत सरकार ने दिसंबर माह तक योजनाओं को पूर्ण करके उसे क्लोज करने को भी कहा है.
बता दें कि श्यामा प्रसाद रूर्बन मिशन योजना से कलस्टरों का चयन करके विकास की योजनाएं ली जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा व आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाएं संचालित की गयी. इसमें सिलाई मशीन सेंटर, विभिन्न तरह के प्रोसेसिंग यूनिट, जूता कारखाना सहित कई तरह की औधोगिक गतिविधियां प्रारंभ की गयी है जो क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण होगी. ग्रामीण क्षेत्रों को रूर्बन मिशन के तहत शहरीकरण इस योजना के तहत किया जाना है. हालांकि, इस योजना को दिसंबर 2022 के बाद पूरी तरह से क्लोज कर दिया जायेगा. चालू योजनाएं पूर्ण होने तक चलेंगी.
उत्पन्न होगा रोजगार का संकट
बता दें कि अप्रैल माह में ही केंद्र सरकार ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को भी बंद करने का फैसला लिया था. इसके जरिये ग्रामीण विकास की योजाएं संचालित होती थी. इसमें कार्यरत कर्मियों का समायोजन दूसरे जगह करने का निर्देश दिया जा चुका है. हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है. डीआरडीए को सरकार अपने पैसे से अब संचालित करने पर विचार कर रही है. इधर,अब रूर्बन मिशन योजना भी बंद हो रही है,ऐसे में इसमें भी कार्यरत कर्मियों के समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न होगा.




