
Ranchi : एसीबी के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत ने सोमवार को जन्म तिथि में फेरबदल करने एवं सरकारी राशि का विचलन करने के मामले में खूंटी के पूर्व अनुमंडल कृषि पदाधिकारी इंद्रजीत राम को पांच साल की सजा सुनायी है. साथ ही उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना राशि नहीं देने पर उसे 18 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. बता दें कि पूर्व में इंद्रजीत राम को अदालत ने दोषी करार दिया था. साथ ही उसकी सजा पर सुनवाई के लिए 8 अगस्त की तारीख निर्धारित थी. दोषी पाये जाने के बाद इंद्रजीत राम को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया गया था. एसीबी के विशेष लोक अभियोजक एके गुप्ता ने बताया कि उक्त आरोप में पहले 2009 में पीई दर्ज की गयी थी. सबूत मिलने के बाद 27 मई 2013 को इंद्रजीत राम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. अभियुक्त पर छह तरह के आरोप थे, जिसमें जन्म तिथि 19 जनवरी 1954 को ओवरराइट कर 1958 करने, अनुमंडल पदाधिकारी खूंटी में पदस्थापना के दौरान अवैध घोषित जैविक खाद को अवैध रूप से खरीद कर 96 हजार रुपये का भुगतान करने, चास बोकारो में कृषि पदाधिकारी के प्रभार से पूर्व ही 43.48 लाख रुपये गबन करने, मजदूरों की मजदूरी का बकाया राशि किसी अन्य प्रतिष्ठान के नाम से भुगतान करने, बैंक में जमा लगभग 10 लाख रुपये निजी खाते में जमा करने एवं चान्हो के कृषि पदाधिकारी रहते धान बीज विनियम योजना का दुरुपयोग करने का आरोप है. मामले में सुनवाई के दौरान 17 गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया गया था.
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