
Ranchi: झारखंड में मनरेगा से 165088 योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है. इन योजनाओं की स्वीकृति तो मिल गयी है,राशि का भी प्रावधान कर दिया गया लेकिन स्थिति यह है कि अभी तक फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं हो सकी है. दीदी बाड़ी, बिरसा हरित ग्राम, पशु शेड, बकरी शेड, डोभा निर्माण सहित कई तरह की योजनाएं विभिन्न जिलों में अभी भी लंबित हैं. सर्वाधिक योजनाएं दुमका, पलामू, गिरिडीह, चतरा, साहिबगंज जिलों में लंबित हैं. इन जिलों में दस हजार से अधिक ऐसी योजनाएं हैं जिनपर अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ. ग्रामीण विकास विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है.
संबंधित सारे जिलों को कड़ा निर्देश भी दिया गया है कि वे अविलंब योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ करें. सभी डीडीसी,प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी योजनाओं का स्थल निरीक्षण करके कार्य प्रारंभ करवाने का निर्देश दिया गया है. योजनाओं पर क्रियान्वयन नहीं होने की वजह से लाभुकों को लाभ भी नहीं मिल रहा है,विकास भी प्रभावित है.
जिला योजनाओं की संख्या
बोकारो 6838
चतरा 5262
देवघर 10559
धनबाद 7006
दुमका 16430
पूर्वी सिंहभूम 3288
गढ़वा 15138
गिरिडीह 12968
गोड्डा 4158
गुमला 2453
हजारीबाग 5560
जामताड़ा 5988
खूंटी 1256
कोडरमा 4075
लातेहार 4906
लोहरदगा 3198
पाकुड़ 3458
पलामू 15524
रामगढ़ 1796
रांची 4874
साहिबगंज 10102
सरायकेला 4485
सिमडेगा 3577
प.सिंहभूम 121689
कुल 165088
(इन योजनाओं पर एक भी रुपये खर्च नहीं हुए)




