JamshedpurJharkhand

जादूगोड़ा : मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण ले महिलाएं स्वरोजगार कर बन रही स्वावलंबी

Jadugora : उद्यान विभाग झारखण्ड सरकार द्वारा टी.आर.सी.एस.सी जमशेदपुर के माध्यम से ओयस्टर मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण लेकर महिलाएं खुद से स्वरोजगार कर स्वावलंबी बनकर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का सार्थक प्रयास कर रही हैं. मशरुम उत्पादक सह प्रशिक्षक भोंजो सिंह बानरा ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से पूरे देश व विश्व में लाॅकडाउन लग गई थी जिसकी वजह से आर्थिक तंगी व बेरोजगारी भी बढ़ गई, दूसरे राज्यों से अपने-अपने घर वापस लौटने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, कुछ लोग वापस आ नहीं पाए तो कुछ लोगों की दूसरे राज्यों में ही मृत्यु हो गई. इससे सबक सीख पोटका प्रखंड के जादुगोड़ा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत- भाटिन की महिलाएं संगठित होकर ओयस्टर मशरुम उत्पादन कर रहीं हैं और 150-200 रुपए प्रति किलो बाजारों में बेच रही हैं. जिससे इन महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है.

जमुना हेम्ब्रम, सरोती मुंडा, सरिता टुडू, डुमनी हेम्ब्रम और सुशीला रानी सोरेन कहतीं है कि हम सभी मिलकर आगे भी मशरुम उत्पादन करेंगे. लोगों को मशरुम उत्पादन और पलायन न करने के प्रति जागरूक करेंगे जिससे लोग घरों में ही अपने परिवारों के साथ मिलजुलकर मशरुम उत्पादन को बढ़ावा दे कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे. प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महिलाओं को सहयोग करने के लिए मशरुम उत्पादन तैयार बैग लगभग 25-30 बैग उनके घर पर ही उपलब्ध करा दिया गया. इन बैगों से वर्तमान में मशरुम उत्पादन हो रहा है और जादूगोड़ा मार्केट में बिक्री किया जा रहा है. इन सब महिलाओं ने अब तक में लगभग 1-2 हजार रुपए तक आय अर्जित कर लिए हैं. मशरुम उत्पादन करने वाली महिलाओं में आलादी मुर्मू, बादोली मुर्मू, नागी मार्डी, सुमित्रा मार्डी, बाहा टुडू, जमुना हांसदा, झारिया गांव से सोनिया बेसरा, सावित्री बेसरा, अंजली बेसरा, लुसकी मुर्मू, कपरा मुर्मू, सरिता मुर्मू, दुलारी मार्डी, पानी हेम्ब्रम, डुमनी मुर्मू बड़े घुटू गांव से दुर्गामुनी मूंडा, सिमतांज मूंडा, नानी मुर्मू आदि हैं.

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