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डीवीसी एरिया में छह घंटे तक की हो रही बिजली कटौती, जन जीवन से लेकर उद्योग बेहाल

Ranchi:  डीवीसी कमांड एरिया में बिजली कटौती फिर से गंभीर हो गया है. इन दिनों धनबाद समेत अन्य डीवीसी कमांड एरिया में छह घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है. जो केंद्र सरकार के आदेश के बाद से जारी है. केंद्र सरकार ने पिछले कुछ महीने से डीवीसी का भुगतान नहीं होने पर डीवीसी को झारखंड में दस फीसदी बिजली कटौती करने का आदेश दिया है. वहीं, सेंट्रल पावर एक्सचेंज से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली पर भी दस फीसदी की रोक लगायी है. ऐसे में डीवीसी के सात जिलों की स्थिति गंभीर हो गयी है. हालांकि डीवीसी क्षेत्र में सालों भर लोड शेडिंग के नाम पर बिजली कटौती की जाती रही है. जो पांच से छह घंटे औसतन रहती है. जानकारी हो कि इस बार केंद्र सरकार के आदेश के बाद राज्य में कटौती की जा रही है. हालांकि सेंट्रल पावर एक्सचेंज से बिजली कटौती के कारण अन्य इलाकों में अधित प्रभाव नहीं देखा जा रहा है. लेकिन डीवीसी एरिया में आम जन जीवन और उद्योगों की स्थिति बदहाल है.

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हर साल हो रही समस्या

साल 2019 के बाद से राज्य में डीवीसी संकट गहराता जा रहा है. डीवीसी की ओर से सात जिलों में बिजली आूपर्ति की जाती है. लेकिन अक्टूबर के बाद से डीवीसी की ओर से समय समय पर कटौती शुरू कर दी जा रही है. जबकि मामले में कई बार उच्चस्तरीय बैठकें की जा रही है. इसके बाद भी कटौती शुरू कर दी जाती है. डीवीसी राज्य में लगभग 250 मेगावाट बिजली आपूर्ति करता है. जो सात जिलों में सप्लाई की जाती है. हालांकि राज्य सरकार की ओर से इन जिलों में अपना संचरण लाइन स्थापित किया जा रहा है. लेकिन इसमें अभी वक्त लगेगा. फिलहाल हर महीने 170 करोड़ की बिजली खरीदी जाती है. राज्य में प्रतिदिन 1900 से 2200 मेगावाट बिजली की खपत होती है. जो सेंट्रल पुल और राज्य के अपने स्रोतों से पूरी हो जा रही है. जानकारी हो कि राज्य को सेंट्रल पुल से सात सौ मेगावाट तक बिजली मिलती है.

 

डीवीसी मामले में हुई थी बैठक

डीवीसाी मामले में कई बार महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठकें हुइ है. पिछले साल भी नवंबर से लेकर जनवरी तक राज्य में डीवीसी का मामला गंभीर हो गया था. कटौती की मांग पर डीवीसी ने 70 फीसदी तक बिजली कटौती शुरू की. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री को मामले की जिम्मेदारी सौंपी. 28 जनवरी को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में डीवीसी अधिकारियों संग बैठक कर मामले को सुलझाया गया. जिसके बाद हर महीने बिजली खरीद भुगतान पर बात बनी. वहीं डीवीसी ने भी कटौती कम की. धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा में डीवीसी बिजली देती है.

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