
Chaibasa: अच्छे प्रशासन की पहचान है समय पर कार्य का निष्पादन करना. लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिले में हालात उलट है. इस जिले में सांसद एवं विधायक की अनुशंसा के बाद भी समय पर कार्यवाई नहीं होना चिंता का विषय है.
तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी डीएमएफटी और एससीए की स्वीकृत योजना लंबित है. स्थानीय विधायकों एवं सांसद ने उपायुक्त से कार्य समय पर पूरा कराने के लिए कई बार कहा है, लेकिन स्वीकृति की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई है. इस संबंध में जिला प्रशासन ने एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. सवाल योजना समय पर पूरा नहीं किए जाने का है. मामला तीन पुलिया का है जो नोवामुंडी, मनोहरपुर और टोंटो प्रखंड का है. उक्त पुलिया का निर्माण नहीं होने की वजह से बरसात में ग्रामीणों का आना -जाना बंद हो जाता है. टोंटों प्रखंड की योजना एससीए से स्वीकृत है. लोकल नाला में पुलिया दीपक बिरुआ के विधानसभा क्षेत्र का है. मनोहरपुर के दीघा में कोइना नाला पर पुलिया और नोवामुंडी में कुमीरता राजबांध नाला पर पुलिया का है. सभी योजना एक करोड़ से अधिक की है, जिसकी स्वीकृति नहीं दी जा रही है. विदित हो कि चतरा एवं अन्य जिला में तीन करोड़ से अधिक राशि की योजना की स्वीकृति दी गई है.
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