
Jamshedpur : ‘एक प्याली चाय’ के बाद शहर की शिक्षिका व साहित्यकार कुमारी छाया की दूसरी किताब ‘ मेरी उम्मीद की ओर ‘ प्रकाशित हुई है. पहली पुस्तक ‘एक प्याली चाय’ पिछले वर्ष प्रकाशित हुई थी. प्रकाशन के दूसरे ही दिन ‘एक प्याली चाय’ अमेजॉन पर बेस्ट सेलिंग रैंकिग में आई थी और लोगों ने काफी सराहा भी था. जमशेदपुर शहर में जन्मी कुमारी छाया गोलमुरी के रामदेव बगान में रहनेवाले रमेश कुमार सिंह और वीणा सिंह की सुपुत्री हैं.
“मेरी उमीद की ओर” पुस्तक में भी लेखिका का प्रकृति से प्रेम झलकता है. 11 फरवरी 2022 को पुस्तक प्रकाशित हुई हैं. इसकी सभी कविताएं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और प्रेरित करती हैं कि जीवन में उम्मीद का दामन कभी नहीं छोड़े. लेखिका कैंसर जैसी जटिल बीमारी से जूझती हुई काव्य सृजन कर रही हैं. उनका मानना है कि कविता उनके लिए औषधि है. कविता लिखने के साथ-साथ वह अपना इलाज भी करवा रही हैं और इलाज सकारात्मक दिशा की ओर जा रहा है. वह लोगों से आग्रह करती हैं कि प्रकृति से प्रेम करें, उनसे बातें करें. ऐसा करना आपके जीवन के हर अवसाद को दूर करेगा. लेखिका कहती हैं कि उन्हें उनके परिवार का पूरा सहयोग मिला जिसके कारण ये संभव हो पाया.
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