Crime NewsJamshedpurJharkhand

Valentine Week में मनचाहा प्‍यार पाने की खातिर नहीं करें ये गलती, पछताने के सिवा कुछ नहीं लगेगा हाथ

Jamshedpur:एक कहावत है- लालची के गांव में ठग उपवास नहीं करता. लालच ही वैसी बुरी बला है जो ठगों का काम आसान कर देती है. समय के साथ ठगी के तरीके भी बदले हैं, लेकिन लालच में ठगी का शिकार होने और ठगों का धंधा बदस्‍तूर जारी है. ठग वेलेंटाइन वीक में भी सक्रिय हैं जो युवक-युवतियों को आसानी से जाल में फांसकर अपनी जेब गर्म कर रहे हैं. खुद को तंत्र-मंत्र सिद्ध होने का दावा करनेवाले ठग मनचाहा प्‍यार पाने की गारंटी देते हैं और इसकी फीस वसूलते हैं. प्‍यार पाने की चाहत में बेकरार युवक-युवतियां मात्र पांच सौ रुपये फीस अदा करने में हिचकिचाते भी नहीं. उन्‍हें यह रकम ज्‍यादा नहीं लगती.
जमशेदपुर के इन इलाकों में है ज्यादा सक्रियता
जमशेदपुर शहर के हावड़ा ब्रिज, जुगसलाई, आदित्यपुर और गुदरी मार्केट में खोए प्यार को मिलाने के नाम पर कई ठग सक्रिय हैं. वेलेंटाइन वीक में प्रतिदिन 10 -15 युवक – युवतियां इन ठगों के ठिकानों पर पहुंच रहे हैं. न्यूज विंग की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि लौहनगरी में दिल टूटे आशिकों को ठगने का यह धंधा दशकों से चला आ रहा है. गोलमुरी के रहनेवाले दीपक ने बताया कि वे सफर से टाटानगर स्‍टेशन पर उतरे तो किसी ने सड़क पर ‘मनचाहा प्यार पाएं’ का विजटिंग कार्ड थमा दिया. यह कार्ड पढ़कर दीपक के मन में खोयी प्रेमिका को पाने की चाहत जगाने लगी. फिर एक दिन दीपक कार्ड में लिखे पते पर पहुंचा और फीस के रूप में 500 रुपये जमा कर समस्या बताई. बाबा ने कुछ सोच-विचार कर कहा कि 10 हजार रुपये पूजा -पाठ का खर्चा जमा कर दो. पूजा-पाठ संपन्न होते तुम्हारी प्रेमिका उल्टे पांव दौड़ी चली आयेगी. 10 हजार रुपये का नाम सुनते ही दीपक को अहसास हो गया कि प्यार को मिलाने के नाम पर ठगी का खेल खेला जा रहा है.
पुराने प्रेमी हैं टारगेट
पुराने प्यार को हासिल करने, छोटी-मोटी अनबन, जादू-टोना, प्रेम विवाह, मनचाही शादी और सौतन से छुटकारा के नाम पर ठग फांसते हैं. ठग गिरोह के सदस्‍य शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और ऑटो स्टैंड पर विजटिंग कार्ड बांटते हैं. मौका देखकर रेल की बोगियों और बसों में स्टीकर भी चस्पा कर देते हैं.
दशकों पुराना है धंधा
लौहनगरी में ठगी का ये धंधा दशकों पुराना है. ठगों के अड्डे से पुलिस चौकी या थाना अधिक दूर नहीं है. लेकिन, ये शातिर प्यार के धंधेबाज पुलिस की नाक के नीचे बड़ी आसानी से युवक-युवतियों को लूटने में जुटे हैं.

ये भी पढ़ें-छात्रवृत्ति योजना में पटमदा, बोड़ाम, गुड़ाबांदा प्रखंड की स्थिति संतोषजनक नहीं

 

Related Articles

Back to top button