
Patamda : पटमदा के कुमीर लड़ाईटांड़ गांव में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 8 अक्टूबर 1942 को अंग्रेजों की गोली से शहीद होने वाले 6 वीर स्वतंत्रता सेनानियों की याद में शुक्रवार को पटमदा के कुमीर लड़ाईटांड़ में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस और सालबनी की जिला पार्षद प्रो अंजना महतो मौजूद थे. राष्ट्र शहीद सम्मान समिति के बैनर तले आयोजित समारोह में सांसद ने शहीदों के आश्रितों को सम्मानित किया. सांसद ने कहा कि उन स्वंतत्रता सेनानियों के बदौलत ही हम आजाद भारत में सांसें ले रहे हैं. ऐसे महापुरुषों की जीवनी इतिहास के पन्नों पर दर्ज नहीं होना दुःखद है.
8 अक्तूबर 1942 में हुई थी सभा
छुटुलाल महतो ने कहा कि जमशेदपुर व मानभूम के संयुक्त लोकसभा सांसद भजहरी महतो के नेतृत्व में अंग्रेजों के विरुद्ध एक विशाल जनसभा का आयोजन कुमीर गांव में किया गया था. इसमें मुख्य रुप से मानबाजार, बड़ाबाजार, पटमदा, बांदुवान थाना के आंदोलनकारी एक साथ जुटे थे. उनका एक ही उद्देश्य था कि सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को जलाना और नष्ट कर देना. उस महासंग्राम में बांदुवान से लेकर पुरुलिया तक अंग्रेजी सशस्त्र वाहिनी के मैजिस्ट्रेट के आदेश पर आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी. अंग्रेजी हुकूमत की गोली से शहीद होने वालों में आंदोलनकारियों में कुमीर गांव के लक्ष्मण महतो, पड़ासिया के विप्रो महतो, धोबनी के मणिराम महतो, काटागोड़ा के जुड़न मुदी, दुर्गाचरण सिंह और भालू गांव के रतन माझी शामिल थे.
मौके पर ये थे मौजूद
राष्ट्र शहीद सम्मान समिति के अध्यक्ष छुटूलाल महतो, सचिव भीष्मनाथ महतो, कोषाध्यक्ष मनसाराम महतो, मृत्युंजय महतो, सुभाषचंद्र महतो, प्रबोध कुमार महतो, विजय कुमार मंडल, भास्कर माहली, आनंदमय महतो, मेघनाथ महतो, सुनील वरण महतो, पंचानन दास, मुचिराम बाउरी, प्रदीप महतो, प्रधान महतो आदि मौजूद थे.
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