
Jamshedpur : जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज छात्रसंघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिले के डीसी से मिलकर कॉलेज की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा. साथ ही समस्याओं का भी समाधान करने की मांग की गई.
अनगिनत हैं समस्याएं
बोडाम, कटिंग, बंगाल, चांडिल आदि क्षेत्रों से छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं. हमारे महाविद्यालय में इंटर, पोस्ट डिग्री, डिग्री, एमबीए, बीबीए, बीएससी, आईटी जैसे विषयों के पढ़ाई सुचारू रूप से होती है. कुल मिलाकर महाविद्यालय में 12000 से अधिक छात्राएं हैं. महाविद्यालय स्वर्णरेखा नदी के किनारे है. बाढ़ आने से कॉलेज की जमीन का कटाव की समस्या आती है. ऐसे में महाविद्यालय का अस्तित्व खतरे में है. कोरोना महामारी के बाद हमारे महाविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ी है. महाविद्यालय का भवन जर्जर है. हादसे को आमंत्रण कर रहा है. एक वाटर फिल्टर हाउस है जो 6 सालों से बंद पड़ा है. उस भूखंड को अगर महाविद्यालय को आवंटित किया जाता है तो उस भूखंड पर कॉलेज एक नया भवन निर्माण हो सकता है. पुराने महाविद्यालय की मरम्मती भी करा सकते हैं. कॉलेज में बीएड और एमएड की पढ़ाई भी शुरू की जा सकेगी. एनसीसी इसलिए शुरू नहीं हो सकी है क्योंकि पर्याप्त जगह नहीं है. एनसीसी को लेकर वहां के कमांडेंट दो-दो आए थे. कॉलेज के पास ना तो ऑडिटोरियम है और ना ही कंप्यूटर लैब. छात्रों को खेलने के लिए कोई मैदान भी नहीं है.
प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल
मौके पर छात्र संघ के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सागर ओझा, छात्र संघ के अध्यक्ष सत्यनाथ प्रमाणिक, अभाविप के बापन घोष, अनिप अनुरंजन आदि शामिल थे.
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