
Ranchi: सर्च अभियान में पुलिस को नक्सलियों के 8 हथियार बरामद हुए. इनमें से दो हथियार अमेरिकन स्प्रिंग फील्ड राइफल थे, जिनका इस्तेमाल कभी अमेरिकन आर्मी करती थी. झारखंड के लातेहार में जेजेएमपी नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद ग्राउंड जीरो से सुरक्षा बलों के जवानों को ऐसे हथियार मिला, जिससे यह बात सामने आ रही है कि नक्सलियों को विदेशी हथियारों की भी आपूर्ति हो रही है.
लातेहार जिले के सदर थाना के नावाडीह सलैया के जंगल में मंगलवार को जेजेएमपी उग्रवादी संगठन और झारखंड जगुआर के बीच हुई मुठभेड़ में जेजेएमपी के एक उग्रवादी कमांडर का शव बरामद किया गया है. वहीं सर्च अभियान में एक एके-47 समेत अन्य 7 राइफलें बरामद हुई हैं.
सर्च अभियान में बरामद आठ हथियारों में दो हथियार .30 अमेरिकन स्प्रिंग फील्ड रायफल हैं. ये वही राइफल है, जिसे कभी अमेरिकन आर्मी इस्तेमाल करती थी.
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झारखंड में इससे पहले भी विदेशी हथियार की बरामदगी हुई है. नक्सलियों-उग्रवादियों तक विदेशी हथियार की सप्लाई मामले का अनुसंधान कर रही एनआइए अब विदेशी हथियार का जेजेएमपी कनेक्शन भी खंगालेगी.
एनआइए यह भी पता लगाएगी कि उग्रवादियों तक अमेरिकन स्प्रिंगफील्ड राइफल कैसे पहुंची. लातेहार के अलावा चतरा में भी माओवादी अजय यादव के पास से मेड इन इंग्लैंड स्प्रिंग राइफल मिली थी.
इसके अलावा रांची में पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के लिए लाये गये अमेरिकी ग्रेनेड लांचर की बरामदगी हुई थी. तब बताया गया था कि इस हथियार का पाकिस्तान और म्यांमार की सेना इस्तेमाल करती है. पूर्व में सिमडेगा में पाकिस्तानी कारतूस और हजारीबाग में अमेरिकी राइफल बरामद हुए थे.
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एनआइए ने बिहार के पूर्णिया जिले के केस के अनुसंधान के क्रम में बिहार के ही आरा कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले हथियार सप्लायर संतोष सिंह को रिमांड पर लेकर जब पूछताछ की थी.
रांची के अरगोड़ा में गिरफ्तार मुकेश और लातेहार जिले के नेतरहाट से गिरफ्तार त्रिपुरारी सिंह के बारे में भी जानकारी दी थी.
उसने बताया था कि हथियार सप्लाई के इस धंधे में तीनों ही आरोपितों ने अन्य सहयोगियों की मदद से 50 से अधिक एके-47 रायफल झारखंड के अन्य हिस्सो में दिये हैं.
लातेहार के जंगल में सर्चिंग के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था और डिप्टी कमांडेट शहीद हो गए थे.
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