
Chaibasa : चाईबासा दौरे पर पहुंचे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने परिसदन में चाईबासा, चक्रधरपुर और सरायकेला तीनों प्रमंडल की पेयजल की योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने विभाग के पदाधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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उन्होंने कहा कि राज्य में पेयजल योजना का लक्ष्य काफी बड़ा है. 2024 तक 59 लाख घरों तक नल जल योजना को पहुंचाना है. पिछली सरकार के दौरान मात्र तीन लाख घरों तक पेयजल पहुंच पाया था, जबकि कोरोना के संकट काल में इस सरकार ने 9 लाख घरों तक पानी पहुंचाने का काम किया है. अभी भी काफी काम करना बाकी है, इसलिए पदाधिकारी रुटीन वर्क में काम नहीं करें, बल्कि अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए लक्ष्य के मुताबिक काम करें. निर्धारित समय से पहले काम पूरा करना है. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि तांतनगर ग्रामीण जलापूर्ति योजना में गड़बड़ी की शिकायत पाये जाने पर जांच कराकर कार्रवाई की गई है. पुरानी योजना हो या फिर नयी योजना किसी में भी गड़बड़ी की शिकायत आएगी तो कार्रवाई जरूर होगी. जहां योजनाएं शुरू हुई हैं, वहां घरों तक जलापूर्ति नहीं होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जिस एजेंसी के द्वारा काम किया गया है, वहां पांच साल तक योजना को संचालित करने की जिम्मेदारी उसी की है.
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हम बहुत सारी बड़ी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. पश्चिमी सिंहभूम जिले के मोंगरा और नोआमुंडी में जल्द ही जलापूर्ति योजना का शुभारंभ होगा. चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसमें काफी विलंब हुआ है, लेकिन दिसंबर तक इस योजना को चालू कर लिया जायेगा.
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