
Akshay Kumar Jha
Ranchi: रांची के वीआईपी जोन के रूप में विकसित हुए कांके रोड में प्रतिबंधित किस्म की जमीन पर आलीशान बिल्डिंग्स खड़ी हो गयी हैं. कांके अंचल में प्रतिबंधित भू-खंडों की प्लॉटिंग कर कॉलोनियां बसायी जा रही हैं. चांदनी चौक के आस-पास गैरमजरुआ मालिक श्रेणी की प्रतिबंधित जमीन पर गगनचुंबी इमारतें खड़ी कर दी गयीं. बिल्डर्स ऐसी जमीनों पर बड़े अपार्टमेंट-टॉवर बनाकर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं.
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न्यूज विंग के पास जो कागजात हाथ लगे हैं, उससे साफ होता है कि कांके रोड में खड़ा हुआ पंचरत्न हाइट्स नामक ट्विन टावर प्रतिबंधित किस्म की गैरमजरुआ मालिक श्रेणी वाली भूमि पर बना है. इस जमीन को प्रशासन की तरफ से प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया था, लेकिन बिल्डर इसपर लगातार अपार्टमेंट बनाते रहे. देखते ही देखते दो टावर खड़े हो गए और कोई रोक नहीं सका. कांके अंचल के सीआई की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा है कि पंचरत्न अपार्टमेंट जीएम मालिक लैंड पर बना हुआ है. ऐसे में कैसे नहीं समझा जाए कि प्रशासन की मौन सहमति से ही ये दोनों टावर खड़े हुए और किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की.
अब प्रतिबंधित सूची से बाहर करने की हो रही कवायद
पंचरत्न बिल्डिंग के दोनों टावर में अब फ्लैट्स की बिक्री भी शुरू हो चुकी है. लेकिन जिस जमीन पर यह बिल्डिंग बनी है, वह अभी भी प्रतिबंधित सूची में शामिल है. अब इसे प्रतिबंधित सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है. नियम के मुताबिक बिल्डिंग बनने से पहले इस जमीन को प्रतिबंधित सूची से बाहर करना चाहिए था. उसके बाद निर्माण का काम शुरू होना चाहिए था. लेकिन बिल्डिंग बनने के बाद अब इस जमीन को प्रतिबंधित सूची से बाहर करने कवायद हो रही है.
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सीआई ने जांच रिपोर्ट में क्या कहा?
कांके अंचल के चंदवे ग्राम के खाता नंबर 52 में 67.5 डिसमिल पर बन चुके इस अपार्टमेंट की जमीन को प्रतिबंधित सूची से बाहर करने के लिए कांके अंचल की तरफ से जांच रिपोर्च मांगी गयी. सीआई ने स्थल निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की. रिपोर्ट में सीआई ने लिखा है कि उपलब्ध कागजात के आधार पर आवेदित भूमि गैरमजरूआ मालिक खाता से संबंधित है. इस जमीन के खतियान की प्रति उपलब्ध नहीं है, लेकिन जमाबंदी कायम है. डेवलपमेंट एग्रीमेंट के आधार पर यहां आवासीय परिसर का निर्माण किया गया है. अतः इन तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है.
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नोटः अगली किस्त में पढ़ें प्रतिबंधित सूची में शामिल होने के बाद कैसे था जमाबंदी कायम और कैसे हो गया अपार्टमेंट का निर्माण




